उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छत्तीसगढ़ के चुनाव प्रचार में एक बात पर खासा जोर दिया था कि छत्तीसगढ़ तो राम चन्द्र की ननिहाल है, यहां तो उनका मंदिर बनना ही चाहिए. इस और ऐसी कई बेतुकी बातों का आदिवासी बाहुल्य इस राज्य की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं था जिनसे न तो धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ के किसानों की समस्याएं हल हो रहीं थीं और न ही आदिवासियों की घोषित बदहाली दूर हो रही थी. उल्टे लोगों के मन में यह डर जरूर बैठ गया था कि कहीं भाजपा यहां भी मंदिर राग अलापना शुरू न कर दे, क्योंकि धरम करम की राजनीति से समस्याएं हल नहीं होतीं उल्टे बढ़ती ही हैं.

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