महाराष्ट्र पुलिस द्वारा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तारी से देश में बड़े पैमाने पर मानवाधिकार और बुद्घिजीवियों ने नाराजगी जताई है. भीमा कोरेगांव मामले के नाम पर पुलिस ने 3 मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था जबकि 2 की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी.

28 अगस्त को सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा, वेरवान गोंजाल्विस, अरुण फरेरा और वरवर राव की गिरफ्तारी के साथ स्टैन स्वामी, सुजैन  अब्राहम और आनंद तेलतुम्बडे के घरों पर एक साथ छापेमारी की गई. पुणे पुलिस का दावा है कि इन लोगों का नक्सलियों से संपर्क है और ये देश के लिए खतरा है. इन पर यह आरोप भी लगाया गया कि इन्होंने प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश रची है.

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