मोदी सरकार द्वारा किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिलाने के नाम पर संसद में पास किए गए तीनों विधेयक आजादी के बाद देश की खेतीकिसानी और नागरिकों की खाद्य सुरक्षा पर अब तक के  भीषण हमले हैं. नोटबंदी, जीएसटी के पार्ट 2 के रूप में रेलवे, एयरपोर्ट, एनर्जी, दूरसंचार जैसे सैक्टर को अडानी, अंबानी के निजी हाथों सौंप कर  जनता की जेब पर डाका डालने की साजिश की जा रही  है. फसलों के सही दाम न मिलने और खेती में बढ़ रहे घाटे से  आत्महत्या करने को मजबूर  अन्नदाता किसान  को राहत देने के बजाय उन्हें कौर्पोरेट घरानों के जरिए छलने की कोशिश की जा रही है.

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