Mayawati: बसपा प्रमुख मायावती की घोषित तौर पर दौलत 115 करोड़ की और अघोषित तौर पर हजारों करोड़ की आंकी जाती है. कई घोटाले उनके नाम दर्ज हैं. लेकिन कभी कोई ईडी या सीबीआई उनके महल की तरफ झांकती नहीं. क्योंकि यह बात किसी सबूत की मोहताज नहीं रह गई है कि वे भाजपा को जिताने के लिए दलित वोटों को टूल की तरह इस्तेमाल करती रहीं हैं.

लेकिन पिछले दो चुनाव से उनकी इसी खुदगर्जी के चलते बसपा का कोर वोट कटी पतंग की तरह इधर उधर भटक रहा है जिसका फायदा भाजपा उठाती रही है. एवज में उन्हें विभीषण की तरह राम का आशीर्वाद और संरक्षण मिला हुआ है. एक नवंबर की विपक्ष की वोट बचाओ देश बचाओ ग्रांड रैली में मायावती की गैरमौजूदगी कतई हैरत की बात नहीं थी. वोट चोरी जैसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर उनकी चुप्पी भाजपा से उनके गठजोड़ की एक और मिसाल है. व्यंग रूप में कहा और सोचा जा सकता है कि जिनके पास वोट हैं वे दिल्ली के रामलीला मैदान पर विरोध प्रदर्शित कर अपनी और लोकतंत्र की चिंता कर रहे थे.

लेकिन मायावती के पास अब चिंता करने लायक वोट भी नहीं बचे हैं तो इसकी जिम्मेदार भी वे खुद हैं. जो अपने सियासी बॉस कांशीराम के तिलक, तराजू और तलवार इनको मारो जूते चार जैसे एक वक्त में जिताऊ नारों को गोमती में विसर्जित कर, हाथी नहीं गणेश है ब्रह्मा विष्णु महेश है जैसे मुनवादी नारे सताए और शोषित दलितों से लगवाने लगीं हैं.

अब जबकि उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव सर पर हैं तब फिर माया और भाजपा वोटों का हिसाब किताब हर सीट पर लगा रहे हैं कि किस असेम्बली से कितने वोट सपा और कांग्रेस के बसपा काटेगी या शिफ्ट करेगी. लेकिन दिल्ली की महारैली ने दोनों का गुणाभाग गड़बड़ा दिया है. 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तरप्रदेश की 14 सीट ऐसी थीं जिनमे भाजपा की जीत हार का अंतर बसपा को मिले वोटों से कम था .

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

डिजिटल

(1 साल)
USD99USD49
 
सब्सक्राइब करें

सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं

  • सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
  • देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
  • 7000 से ज्यादा कहानियां
  • समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
 

डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन

(1 साल)
USD150USD129
 
सब्सक्राइब करें

सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं

  • सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
  • देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
  • 7000 से ज्यादा कहानियां
  • समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
  • 24 प्रिंट मैगजीन
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...