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इन्हें भी आजमाइए

  1. टीनएजर्स की पार्टी में सभी को अलगअलग तरह की ज्वैलरी डिजाइन करने के लिए कहें. इस के लिए उन्हें स्ट्रा, फ्लावर्स, बीड्स व सीक्वैंस, स्वरोस्की, कलरफुल पेपर आदि सामान दें. इस से इयररिंग्स, नैकलेस, कंगन, ब्रेसलैट, टीका, करधनी, बैल्ट, अंगूठी आदि डिजाइन करने को कहें. जब वे डिजाइन बना चुकें तो बाद में उन्हें पहनने के लिए भी कहें.
  2. रैस्तरां में आप के किसी परिचित के मिल जाने पर उस से अभिवादन करें या औपचारिकता पूर्ति के लिए एकदो शब्द कहें. उस की मेज पर पहुंच जाना अनुचित है क्योंकि यह स्थिति उस व्यक्ति को बाध्य करेगी कि वह आप के लिए भी चायकौफी मंगाए.
  3. बच्चों की पार्टी में सिर्फ उन्हीं बच्चों को इनाम न दें जो पार्टी के दौरान खेलों में सफल रहे हैं बल्कि सभी मेहमान बच्चों को कोई न कोई उपहार अवश्य दें, जिस से वे खाली हाथ वापस न लौटें.
  4. कई बार देखने में आता है कि लोग जाते तो हैं अफसोस जाहिर करने परंतु संबंधित व्यक्ति के वहां से हटते ही इधरउधर की हांकने लगते हैं. यह बहुत ही अशिष्टतापूर्ण लगता है. भले ही आप वहां अधिक समय न रह कर थोड़ी देर ही रूकें, पर दूसरे प्रसंग न उठाएं.

चांद सा रोशन चेहरा

दीवाली पर सजनेसंवरने की उमंग आप में भी जगने लगती होगी. तो फिर देर किस बात की. दीवाली की जगमगाहट में आप के चेहरे का नूर कर देगा सब को हैरान. कैसे, बता रही हैं आभा यादव.

महिलाएं हमेशा से ही सजधज कर खूबसूरत दिखना चाहती हैं पर त्योहारों का मौसम आते ही उन में सजनेसंवरने की उमंगें ज्यादा ही उठने लगती हैं और जब दीवाली का त्योहार हो तो बात ही क्या, प्रकाशोत्सव उन्हें कुछ नया करने को प्रेरित करता है ताकि वे उस दिन लगें निखरीनिखरी और बहुत खूबसूरत.

ब्यूटी ट्रीटमैंट : रोशनी के त्योहार का रोशन चेहरे के साथ स्वागत करें. मेकअप ऐक्सपर्ट रेनू महेश्वरी का कहना है कि दीवाली पर खूबसूरत दिखने के लिए त्योहार से 1 महीना पहले ब्यूटी ट्रीटमैंट लेना चाहिए. फिर 15 दिन के बाद दोबारा ट्रीटमैंट लें. सब से पहले चेहरे की क्लीनिंग के लिए औक्सी फेसवाश का प्रयोग करें. यह फेसवाश चेहरे की सफाई के साथसाथ चेहरे पर नमी भी प्रदान करता है. इस मौसम में स्किन शुष्क होने लगती है. इसलिए मौश्चराइजिंग वाले प्रोडक्ट प्रयोग करने चाहिए. इस के अलावा अपनी त्वचा के स्वभाव को जानें कि वह किस प्रकार की है, उसी के अनुसार प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें. त्वचा को पोषण देने के लिए फेशियल करवाएं.

फेशियल : कुछ फेशियल त्वचा की गहराई से सफाई करते हैं, चेहरे की धूलमिट्टी को आसानी से बाहर निकाल कर नए कोशों को विकसित करने में मदद करते हैं तो कुछ त्वचा पर उम्र के बढ़ते प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं. पर किसी भी फेशियल में स्ट्रोक्स बहुत महत्त्वपूर्ण है. अगर उचित तरीके से स्ट्रौक्स करना न आता हो तो ऐंटीक्लाकवाइज स्ट्रौक्स खुद कर सकते हैं. वैसे इसे एक ऐक्सपर्ट ही कर सकता है कि किस चेहरे की किनकिन जगहों पर प्रैशर पौइंट देने हैं. सही स्ट्रोक्स व प्रैशर पौइंट से रक्त संचार बढ़ने के साथसाथ थकान भी उतर जाती है, जिस से आप और भी ताजा महसूस करेंगी. फेशियल मसाज क्रीम बादाम व शहद वाली ही इस्तेमाल करें. ये त्वचा को अच्छा पोषण देती हैं.

डेविस ग्लो किट (इंस्टाग्लो) : मार्केट में फेशियल की तरहतरह की किट हैं पर डेविस ग्लो किट में चिनार की जड़ को डालते हैं जिस से त्वचा गोरी होती है. इस में नीबू, संतरे और गन्ने के रस का मिश्रण होता है. गन्ने का रस त्वचा को मौश्चराइज करता है. नतीजतन, त्वचा को अतिरिक्त विटामिन मिलता है और त्वचा शुष्क नहीं होती है. दीवाली के मौसम में एलोवीरा का प्रयोग भी करें. इस में रौयल जैली व शहद दोनों चीजें मिला कर त्वचा पर लगाएं. यह त्वचा में मिनरल की कमी को पूरा करता है, जींस और हार्मोंस को पुन: उत्पन्न करता है और वसा के स्तर को कम करता है.

घरेलू टिप्स : केला, पपीता, संतरा, खीरा व टमाटर में से किसी को भी कद्दूकस कर के उस में नीम व तुलसी के पत्तों को पीस कर साथ में शहद मिला लें. फिर अपने हाथपैर पर 10 मिनट लगा कर रखें. फिर गुलाबजल या सादे पानी से हलके हाथों से साफ कर लें. यह त्वचा के लिए ऐंटीसैप्टिक का काम करता है.

बौडी पौलिश्ंिग : जब त्वचा शुष्क होने लगे तो मसाज करें. त्वचा में नमी बनी रहेगी. कौन सी त्वचा पर कैसी मसाज करनी है, यह जानना जरूरी है. जिन की त्वचा औयली हो या दाने निकले हों उन्हें ‘जैल मसाज’ करनी चाहिए. त्वचा के सूखेपन से छुटकारा पाने के लिए क्रीम में हलदी मिला लें. ऐसा करने से त्वचा जल्दी ठीक होगी. हलदी का रस निकाल कर क्रीम में मिलाएं, फिर इस्तेमाल करें.

गोल्ड पौलिश्ंिग : आजकल केसर और गोल्ड डस्क मिली हुई पौलिश्ंिग किट बाजार में उपलब्ध है. इस में आयुर्वेदिक प्रोडक्ट होते हैं. इस की मसाज से बौडी में चमक आती है, साथ ही इस में विटामिन ‘ई’ और बादाम का तेल मिला हुआ होता है. इस की मसाज से मृत त्वचा बाहर निकल जाती है और बौडी में लंबे समय तक चमक बनी रहती है. यह मसाज 10 मिनट तक करें. तैलीय त्वचा के लिए चौकलेट जैल मसाज करें. जिन को बौडी में चमक नहीं चाहिए वे चौकलेट मसाज करवाएं.

यदि केले और क्रीम को लगा रही हैं तो लगाने के बाद बालों को कपड़े या फौइल पेपर में लपेट कर रखें. इस से परिणाम अच्छा आता है और बालों को अच्छी तरह से पोषण मिलता है. आप चाहें तो मेथीदाने को पीस कर दही में मिला कर बालों में लगा सकती हैं. इस से बाल काले व चमकदार दिखेंगे. बालों में विटामिन ‘ई’ की मालिश करें. तेल गुनगुना कर के हर 15 दिन में लगाएं. इस से बालों में नई जान आ जाएगी.

इस तरह इस बार दीवाली के अवसर पर दीए ही नहीं आप का चेहरा भी रोशन होगा. ऐसे में आप को दीवाली का भरपूर मजा उठाने में कुछ ज्यादा ही खुशी का एहसास होगा और दूसरे लोग आप से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकेंगे. 

हेमा की नसीहतें

बीते जमाने की ड्रीमगर्ल और अब भाजपा नेता हेमा मालिनी बीचबीच में कुछ बेतुके बयान दे कर इस प्रयास में लगी रहती हैं कि दर्शक  उन्हें कहीं भुला न दें.

पिछले दिनों मुंबई गैंग रेप कांड के बाद बलात्कारियों को दोष देने के बजाय उन्होंने महिलाओं को घर से बाहर कभी न निकलने की नसीहत दी. इसी तरह उन्होंने कहा था कि बड़ी ऐक्ट्रैस को आइटम नंबर की जरूरत नहीं है, इस के लिए हीरोइनें इंडस्ट्री में मौजूद हैं. हेमाजी, अपनी ये राजनीतिक नसीहतें आप को अपने पास ही रखनी चाहिए. आने वाले चुनाव में शायद आप को इन की जरूरत पड़ सकती है.

हया की ऐंट्री

सीमा पर चाहे हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान अपनी आदतों से बाज न आता हो पर सही माने में वहां की अभिनेत्रियों को हमारे देश में ही सही पहचान मिलती है. सलमा आगा से ले कर सोमी अली, जेबा बख्तियार, मोनालिसा, नरगिस फाखरी, साशा आगा, मीरा, वीना मलिक जैसे नाम इस बात की तस्दीक करते हैं. अब इसी लिस्ट में एक नया नाम हया सहगल का भी जुड़ गया है. हया पंजाबी फिल्म ‘दिल परदेसी हो गया’ से भारत में अपना फिल्मी कैरियर शुरू कर रही हैं. हया यहां डटी रहती हैं या फिर बाकी पाकिस्तानी एक्ट्रैस की तरह एक झलक दिखला कर गायब हो जाएंगी, यह तो समय ही बताएगा.

 

टीआरपी का बौस

रिऐलिटी शो में टीआरपी के लिए रोज कुछ नया देखने को मिलता है. झगड़े और विवादों के अलावा नए लोगों की ऐंट्री से भी टीआरपीबढ़ती है. इस बार ‘बिग बौस सीजन-7’ में बांग्लादेशी मौडल आसिफ आजिम ने भी ऐंट्री ली है. आसिफ का मानना है कि वे जन्नत या जहन्नुम किसी में भी जाने को तैयार हैं क्योंकि उन्होंने अपने कैरियर के दौरान ऐसे दुखसुख बहुत झेले हैं.

आसिफजी, बात तो सही कह रहे हैं पर अगर टीआरपी की वजह से आप को वह करना पड़े जिसे न तो आप ने देखा हो और न ही सुना हो तो शायद वह आप पर भारी पड़ सकता है.

 

आखिरी धूम

धूम’ भारत की जबरदस्त फिल्मों में से एक है. जौन अब्राहम, ऋतिक रोशन के बाद अब आमिर खान इस के तीसरे पार्ट में मुख्य भूमिका में हैं. आमिर के अलावा इस फिल्म में अभिषेक बच्चन और उदय चोपड़ा भी प्रमुख भूमिका में नजर आएंगी. वहीं ग्लैमर का तड़का लगाने की जिम्मेदारी चिकनी चमेली कैटरीना कैफ पर है.

बहरहाल इस फिल्म को बनाने के लिए यशराज ने स्क्रिप्ट, कास्ंिटग और प्लानिंग में काफी समय दिया. कहा जा रहा है कि धूम 3 सीरीज की आखिरी फिल्म होगी, वैसे यह सही है कि दर्शक सीरीज और रीमेक फिल्में देख कर तंग आ चुके हैं. ऐसे में यह खबर सब के लिए राहत भरी होगी.

 

हौट सोनम

सोनम कपूर अब सिल्वर स्क्रीन पर बिकिनी पहन कर हौट दिखने वाली हैं. हालांकि उन्होंने पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि उन की बौडी बिकिनी पहनने वाली नहीं है. पर ऐसी क्या बात हुई कि उन्हें फिल्म ‘खूबसूरत’ के रीमेक में बिकिनी पहननी पड़ रही है.

बिकिनी पहन कर परदे पर जलवा बिखेरने के लिए उन्होंने अपने ट्रेनर की सहायता से एक खास रुटीन तय कर लिया है. अब वह संभल कर डाइट फौलो कर रही हैं. खैर, सोनम स्विमसूट में अपना जलवा कैसे दिखाती हैं, इस के लिए फिल्म का इंतजार करना पड़ेगा.

 

हौरर स्टोरी

90 के दशक में हौरर फिल्मों के लिए रामसे ब्रदर्स का नाम जाना जाता था. अब ज्यादातर हौरर फिल्में विक्रम भट्ट बना रहे हैं. पिछले सालों में उन्होंने कई हौरर फिल्में बनाई हैं. ‘हौरर स्टोरी’ फिल्म की कहानी खुद विक्रम भट्ट ने लिखी है, ऐसा उन का दावा है. हालांकि यह कहानी अमेरिकी फिल्म ‘रौंग टर्न’ से उड़ाई लगती है.

इस हौरर स्टोरी में कुछ नया ढूंढ़ने की कोशिश मत करिए. जैसा कि हर हौरर फिल्म में होता है, 6-7 दोस्त एक सुनसान इलाके में खाली पड़े एक होटल में जा पहुंचते हैं. वहां उन्हें कोई भूतप्रेत नजर नहीं आता परंतु उन्हें 1 व्हीलचेयर दिखाई देने लगती है, जो कभीकभी गायब हो जाती है. होटल की लाइट गुल हो जाती है. सभी दोस्त एकदूसरे से बिछुड़ जाते हैं और फिर शुरू होता है मौत का खेल. 1-1 कर सभी दोस्त मारे जाते हैं. आखिर में बची एक युवती वहां रह रही बुरी आत्मा का खात्मा कर डालती है.

लगता है फिल्म बनाने से पहले ज्यादा रिसर्च वर्क नहीं किया गया है. फिल्म में दिखाए गए ज्यादातर दृश्य पुरानी हौरर फिल्मों के दोहराव भर हैं. इन दृश्यों में हौरर का एहसास नहीं हो पाता. हां, साउंड इफैक्ट और लाइटिंग इफैक्ट के जरिए जरूर हौरर पैदा करने की खासी कोशिश की गई है.

इस तरह की फिल्में समाज में अंधविश्वास फैलाने का ही काम करती हैं. इसलिए हौरर स्टोरी से  तौबा भली.

जौन डे

जिन दर्शकों ने नसीरुद्दीन शाह अभिनीत ‘वैडनसडे’ फिल्म देखी होगी उन्होंने नसीरुद्दीन शाह के अभिनय की तारीफ जरूर की होगी. किस तरह उस ने अकेले सिस्टम से टक्कर ले कर पूरे पुलिस महकमे को हिला कर रख दिया था. ‘जौन डे’ में भी नसीरुद्दीन शाह ने अकेले दम पर समाज में फैले काले कारनामों का परदाफाश करने की कोशिश की है. लेकिन इस फिल्म में ‘वैडनसडे’ वाली बात नजर नहीं आई. हाथ में रिवाल्वर पकड़े उस के हाथ कांपते से लगते हैं. फिल्म सिस्टम को बदलने के बजाय बदले की ज्यादा लगती है.

‘जौन डे’ खूनखराबे से भरी थ्रिलर फिल्म है. फिल्म के अधिकांश पुरुष किरदार वायलैंट हैं. फिल्म के कुछ दृश्य घृणा पैदा करते हैं, खासतौर से खलनायक का एक गुंडे की जीभ को अपने मुंह से काट कर बाहर फेंकना. फिल्म में कुछ गालियां भी हैं.

कहानी एक बैंक मैनेजर जौन डे (नसीरुद्दीन शाह) की है. एक दिन उस की बेटी की हत्या हो जाती है और उस की पत्नी को बंधक बना कर, उसे घायल कर कुछ गुंडे उस के बैंक के लौकर से 1 फाइल ढूंढ़ने पहुंचते हैं. गुडों के हाथ फाइल नहीं लग पाती. जौन डे को शक हो जाता है. तहकीकात करने पर उसे पता चलता है कि फाइल एक जमीनी घोटाले की है जिस में मेयर तक शामिल है.

अंडरवर्ल्ड डौन सिकंदर हयात खान (शरत सक्सेना) को भी वह फाइल चाहिए. एसीपी गौतम (रणदीप हुड्डा) इस फाइल के एवज में दुबई के एक डौन से 50 करोड़ रुपए में डील पक्की करता है. जौन डे इस फाइल के बारे में सारी जानकारियां जुटाता है और सिकंदर हयात के साथसाथ एसीपी गौतम और उस के गुर्गों को मार डालता है. इस तरह उस का बदला पूरा होता है.

फिल्म की कहानी उलझी हुई है. फिल्म में जौन डे और सिकंदर हयात खान के किरदार ही हैं, जो थोड़ाबहुत दर्शकों को बांधे रखते हैं. फिल्म में सस्पैंस बनाए रखने की नाकाम कोशिश की गई है.

फिल्म के क्लाइमैक्स में काफी खूनखराबा है. लगभग सभी पात्र मारे जाते हैं. पार्श्व संगीत अनुकूल है. छायांकन अच्छा है.

 

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