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हाथियों को बचाने के लिए अनुज ने जुटाए एक लाख रुपये

अमोल गुप्ते निर्देशित फिल्म ‘‘हवा हवाई’’ के अलावा ‘स्वरागिनी’, ‘सबकी लाड़ली बेबो’, ‘छनछनान’ और ‘इत्ती सी खुशी’ जैसे सीरियलों में अभिनय कर चुके फिल्म और टीवी कलाकार अनुज सचदेव इन दिनों हाथियों को बचाने की मुहीम में लग गए हैं. उन्हे हाथियों को बचाने का ख्याल गणोत्सव से ही आया. इसी के चलते अनुज सचदेव ने मथुरा जाकर एक एनजीओ ‘एस ओ एस’ को हाथियों को बचाने के लिए एक लाख रूपए इकट्ठे करके दिए.

इस संबंध में जब अनुज सचदेव से हमारी बात हुई, तो अनुज सचदेव ने कहा- ‘‘मैं पिछले कई साल से देखता आ रहा हूं कि दस दिन के गणेशोत्सव के दौरान किस तरह का तमाशा होता है. प्लास्टर आफ पेरिस की गणेषश जी की मूर्तियां बनाकर पर्यावरण को दूषित किया जाता है. फिर इनका समुद्र में विसर्जन कर समुद्री जीव जंतुओं की जिंदगी को नुकसान पहुंचाया जाता है. इसी पर विचार करते हुए मैंने सोचा कि हम यह वर्ष हाथियों को समर्पित करते हैं. फिर मैने इसके लिए कुछ लोगों से बात की और पैसे इकट्ठे किए. मैंने इंटरनेट पर शोध करके एनजीओ के बारे में जानकारी हासिल की. एक लाख रूपए जमा हो जाने पर मैने यह राशि मथुरा जाकर एनजीओ को दे दी. मैंने कुछ हाथियों को अपने हाथों से चारा भी खिलाया.’’

मथुरा में यह एनजी ओ ‘‘एलीफेंट कंजर्वेशन एंड केअर सेंटर’’ चलाता है. इस सेंटर में अलग अलग शहरों की सड़क पर घायल अवस्था में मिले 22 हाथी पल रहे हैं. अनुज सचदेव ने अपनी इस मुहीम को ‘हेल्पिंग द लिविंग गणेशा’ नाम दिया है. और दस दिन के गणेशोत्सव के दौरान इसके लिए एक लाख रूपए इकट्ठे किए. अनुज सचदेव को इस मुहीम में रमेश तौरानी, जूही चावला, लवी ससान, निशा रावल के अलावा कई पशु प्रेमियों का साथ मिल रहा है.

SBI में मर्ज होंगे 5 बड़े बैंक: जेटली

तमाम विरोधों को नजरअंदाज करते हुए भारत सरकार ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया(एसबीआई) को वैश्विक स्तर का बैंक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठा दिया है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एसबीआई के 5 सहयोगी बैंकों के एसबीआई के साथ विलय की घोषणा कर है. उन्होंने कहा कि विलय की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है और इसमें विरोध कर रहे कर्मचारियों का कोई नुकसान नहीं होगा. हालांकि बैंक कर्मचारी यूनियन इस फैसले के खिलाफ लगातार विरोध जता रहे हैं.

दरअसल वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार ने बैंकों के सुधार की दिशा में कदम उठाते हुए स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर और भारतीय महिला बैंक लिमिटेड (बीएमबी) के एसबीआई में विलय के प्रस्ताव को पहले ही कैबिनेट ने पास कर दिया है. उन्होंने कहा कि इन बैंकों के एसबीआई के साथ विलय का सही रिजल्ट कुछ सालों में मिलेगा.

कैबिनेट स्तर पर लिया गया विलय का फैसला

इससे एसबीआई निदेशक मंडल ने भारतीय महिला बैंक समेत 5 एसोसिएट बैंकों के एसबीआई में विलय को पिछले महीने ही मंजूरी दे दी थी, निदेशक मंडल ने विलय को मंजूरी देते हुए कहा था कि इसमें मौजूदा कर्मचारियों के हितों को ध्यान रखा गया है और कर्मचारियों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा. जेटली ने सार्वजनिक बैंकों (पीएसयू) के पहली तिमाही के नतीजे की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक के दौरान विलय को अंतिम रूप देने की बात कही. वित्त मंत्री की मानें सरकार ने विलय के प्रस्ताव का समर्थन करने का फैसला मंत्रिमंडलीय स्तर पर किया है.

पांचों बैंकों के कर्मचारी विलय के खिलाफ

गौरतलब है कि एसबीआई की ओर से पिछले महीने में कहा गया था कि उसके सभी सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक का विलय उसके साथ किया जाएगा. इस विलय से एसबीआई की संपत्तियां 8 लाख करोड़ रुपये और बढ़कर 30 लाख करोड़ रुपये की हो जाएंगी. जिससे संपत्ति में 36 फीसदी की बढ़ोतरी होगी. एसबीआई के 5 सहयोगी बैंकों के लगभग 50 हजार कर्मचारियों ने प्रस्तावित विलय का विरोध जताते हुए मई महीने में एक दिन की देशव्यापी हड़ताल की थी.

केरल विधानसभा में विलय के खिलाफ प्रस्ताव

वहीं स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर के SBI के साथ विलय के विरोध में इसी साल के जुलाई महीने में केरल विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया था. केरल सरकार का तर्क था कि इससे अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा. लेकिन अब केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि सरकार ने विलय के दिशा में कदम उठा दिया है और इस विलय में तमाम कर्मचारियों के वेतन और भत्तों के मामले में कोई नुकसान नहीं होगा. साथ ही रिटायर्ड कर्मचारियों के लाभ का संरक्षण किया जाएगा.

डेविस कप: फेरर ने मायनेनी को हराया

13वीं विश्व वरीयता प्राप्त टेनिस खिलाड़ी स्पेन के डेविड फेरर ने शुक्रवार को डेविस कप विश्व ग्रुप प्लेऑफ मुकाबले के दूसरे एकल वर्ग के मैच में भारत के साकेत मायनेनी को मात देते हुए अपनी टीम को 2-0 की बढ़त दिला दी. फेरर ने दिल्ली लॉन टेनिस संघ (डीएलटीए) के आरके खन्ना स्टेडियम में खेले जा रहे डेविस कप के दूसरे एकल मैच में साकेत को सीधे सेटों में 6-1, 6-2, 6-1 से मात दी.

इससे पहले शुक्रवार को ही हुए एकल वर्ग के पहले मैच में फेलिसियानो लोपेज ने रामकुमार रामानाथन को 6-4, 6-4, 3-6, 6-1 से हराकर स्पेन को 1-0 की बढ़त दिलाई थी। साकेत को हराने के बाद फेरर ने इस बढ़त को दोगुना कर दिया. पहले मुकाबले में रामकुमार के सामने राफेल नडाल को उतरना था, लेकिन पेट में समस्या के कारण वह कोर्ट में नहीं उतरे और लोपेज को उनका स्थान लेना पड़ा.

डेविस कप के युगल मुकाबले शनिवार को खेले जाएंगे. भारत की तरफ से लिएंडर पेस और मायनेनी की जोड़ी फ्रेंच ओपन विजेता फेलिसियानो लोपेज और मार्क लोपेज की जोड़ी से भिड़ेगी, जबकि रिवर्स एकल मुकाबले रविवार को खेल जाएंगे.

6 साल में 1800 करोड़ का निवेश करेगी आईओसी

सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) ने कहा कि उसकी अगले छह साल में 1800 अरब रुपये निवेश करने की योजना है.

कंपनी इसके तहत तटीय महाराष्ट्र में एक मेगा रिफाइनरी भी लगा सकती है और वह निवेश में विदेशी इकाइयों की भागीदारी के लिए बातचीत कर रही है. आईओसी के चेयरमैन बी अशोक ने यह जानकारी दी.

उन्होंने आगे बताया, ‘अगले छह साल में हमें रिफाइनरी विस्तार, नई पेट्रोकेमिकल परियोजनाओं आदि में 1700-1800 अरब रुपये खर्च करने होंगे.’ कंपनी रिफाइनरी क्षमता बनाने में 50,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी. इससे देश की अर्थव्यवस्था में सुधार के साथ-साथ रोजगार के भी नए मौके आयेंगे. 

Xiaomi यूजर्स हो जायें सतर्क

अगर आपके पास शाओमी का स्मार्टफोन है तो आपके लिए एक चौंकाने वाली खबर है. सैमसंग, शाओमी, एचटीसी और वन प्लस जैसे स्मार्टफोन कस्टम ऑपरेटिंग सिस्टम देते हैं. जैसे शाओमी का MIUI ओएस, यह एंड्रॉयड पर बनाया गया मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम है. इसे टेक्निकल टर्मिनॉलोजी में कस्टम रॉम भी कहा जा सकता है. इस कस्टम ओएस में कंपनी अपनी तरफ से कई ब्लॉटवेयर यानी प्री लोडेड ऐप देती है. इनमें से कुछ आप हटा सकते हैं लेकिन कुछ ऐप्स को आप चाह कर भी नहीं हटा सकते.

एक ऐसा ऐप जिसके जरिए हैकर्स आपके मोबाइल तक पहुंच सकते हैं

नीदरलैंड्स के एक कंप्यूटर साइंस के छात्र और सिक्योरिटी एक्सपर्ट ने अपने Xiaomi Mi4 स्मार्टफोन में कंपनी द्वारा दिए गए एप के पीछे के मकसद को जानने के लिए इसकी जांच शुरू की. उनके मुताबिक इस एप का नाम AnalyticsCore.apk है और ये स्मार्टफोन के बैकग्राउंड में पूरे दिन चलता है. इसे डिलीट करने के बाद फिर से दिखने लगता है. गौरतलब है कि चीनी स्मार्टफोन दिग्गज शाओमी पर पहले भी स्मार्टफोन के साथ मैलेवयर इंस्टॉल करने के आरोप लगे हैं और कंपनी की आलोचना भी हुई है.

कंपनी ने भी इस ऐप के बारे में कुछ नहीं बताया है

कंपनी के सपोर्ट फॉरम पर जब उस छात्र ने AnalyticsCore के बारे में पूछा तो इसके बारे में उन्हे कोई जानकारी नहीं दी गई. उन्होंने पाया कि इस यह एप हर 24 घंटे में कंपनी के आधिकारिक सर्वर से नए अपडेट के लिए कनेक्ट होता है. सर्वर से कनेक्ट हो कर यह ऐप स्मार्टफोन की आईडेंटिफिकेशन इनफॉर्मेशन कंपनी के सर्वर तक भेजता है. इसमें IMEI, मॉडल नंबर, मैक अड्रेस, पैकेज नेम और सिग्नेचर जैसी गंभीर जानकारियां शामिल होती हैं. नए अपडेट मिलने के साथ ही Analytics.apk नाम का यह ऐप स्मार्टफोन में खुद डाउनलोड हो जाता है इसके लिए उसे आपकी इजाजत की जरूरत नहीं होती.

यूजर्स उठा रहा रहे हैं गंभीर सवाल

कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर कई यूजर्स ने लिखा है कि यह एप डिलीट नहीं होता. इसके आलावा यूजर्स ने कंपनी से यह भी पूछा है कि इसका क्या काम है और स्मार्टफोन में क्यों है, लेकिन फिलहाल यहां कोई भी जवाब नहीं दिया गया है. यूजर्स यहां कंपनी से खासे नाराज दिख रहे हैं कई सवाल भी उठा रहे हैं.

यूजर्स को ये हो सकते हैं नुकसान

हैकर्स अपडेट पैकेज को अपने खास ऐप के साथ रिप्लेस कर सकते हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक यह Analytic.apk ऐप डाउलोड होने वाले सोर्स की वैलिडिटी चेक नहीं करता यानी किसी हैकर्स के लिए यह आपके डिवाइस में सेंध लगाने का अच्छा जरिया बन सकता है. रिसर्चर का मानना है कि यह आपके स्मार्टफोन के पिछले दरवाजे यानी बैकडोर की तरह काम कर सकता है. हैकर्स इसके जरिए आपका स्मार्टफोन गलत यूज कर सकते हैं. उनका मानना है कि शाओमी भी इसके जरिए आपसे जुड़ी अहम जानकारियां ले हासिल कर सकती है.

रोहित और रहाणे को मिला अर्जुन अवार्ड

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे को अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया है. खेल मंत्री विजय गोयल ने दिल्ली में शुक्रवार को हुए समारोह के दौरान उन्हें इस अवार्ड से सम्मानित किया गया.

रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे दोनों ही न्यूजीलैंड के खिलाफ 22 सितंबर से शुरू हो रही टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया का हिस्सा हैं. दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में इन दोनों खिलाड़ियों को शुक्रवार इसलिए ये अवार्ड दिया गया क्योंकि इससे पहले भारतीय क्रिकेट टीम की ओर से खेलते हुए ये दोनों क्रिकेटर व्यस्त थे.

इससे पहले भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अर्जुन अवार्ड विजेताओं को सम्मान दिया था, लेकिन रोहित और रहाणे को ये अवार्ड खेल मंत्री विजय गोयल के हाथों मिला. इस समारोह के दौरान खेल मंत्री ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि भारत में क्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दूसरे खेलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है.

साल 2015 के प्रदर्शन के आधार पर रोहित शर्मा को सम्मानित किया गया है, उन्होंने पिछले साल दक्षिण अफ़्रीका के खिलाफ टी20 में शतकीय पारी खेली थी और क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में भारत की ओर से शतक लगाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बने थे. के एल राहुल ने इसी साल टी20 में शतक लगाकर इस फेहरिस्त में शामिल हो गए हैं. जबकि रहाणे को इस सम्मान के लिए उनके 2016 के प्रदर्शन को आधार बनाया गया है.

‘सबसे तेज शतक लगाने से पहले मैं नर्वस था’

अपनी आत्मकथा में डीविलियर्स ने उस पारी का जिक्र किया है, जिसमें उन्होंने कैरेबियाई गेंदबाजों की विकेट के चारों ओर धुनाई करते हुए वनडे इतिहास का सबसे तेज शतक लगा डाला था. 31 गेंदो पर शतक लगाते हुए डीविलियर्स ने न्यूजीलैंड के कोरे एंडरसन का रिकॉर्ड तोड़ डाला था.

एंडरसन ने इससे पहले शाहिद आफरीदी के 37 गेंदो पर लगाए गए सबसे तेज़ शतक को पीछे छोड़ा था. डीविलियर्स ने अपनी इस रिकॉर्ड पारी के बारे में आत्मकथा में लिखा है कि वह बल्लेबाज़ी के लिए जाना ही नहीं चाहते थे, और डेविड मिलर को भेजना चाह रहे थे.

हाशिम अमला और रिली रोसू की आतिशी बल्लेबाजी के बाद जब डीविलियर्स को मौका मिला, तो उन्होंने कोच रसेल डोमिंगो से गुजारिश करते हुए कहा अभी डेविड मिलर को भेज दीजिए. लेकिन डोमिंगो ने कहा कि नहीं आप तैयार रहिए और आप ही जाइए, जबकि डीविलियर्स को लग रहा था सुलेमान बेन्न जिनका दो ओवर बचा था उनके ख़िलाफ़ डेविड मिलर ज्यादा सही होते.

बल्लेबाजी के लिए जाने से पहले डीविलियर्स काफी नर्वस थे, जैसा वह हर मैच से पहले रहते हैं. पैवेलियन से उतरते वक्त वह लड़खड़ा कर सीढ़ियों से गिर पड़े थे, जिसपर फैफ डू प्लेसी और डेल स्टेन काफी हंसे थे और मजाक उड़ाया था.

डीविलियर्स जब मैदान में उतरे तो उनके इरादे साफ थे, 32 वर्षीय इस बल्लेबाज ने पहले वनडे क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड बनाया और फिर उसे आगे बढ़ाते हुए 31 गेंदो पर शतक लगाकर एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना डाला था.

नशामुक्त श्रीलंका है सिरीसेना का लक्ष्य

श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने चिंता जताई है कि महिलाओं में बीयर पीने की लत बढ़ रही है. उनकी तकलीफ समझी जा सकती है. नशामुक्त श्रीलंका के निर्माण में उन्होंने गहरी रुचि दिखाई है, लिहाजा उनकी प्रतिबद्धता का सम्मान सभी को करना चाहिए.

उल्लेखनीय है कि राजपक्षे हुकूमत में बतौर स्वास्थ्य मंत्री सिरीसेना ने कई मुश्किलों के बावजूद तंबाकू और अल्कोहल कंपनियों को निशाने पर लिया था. मगर आज श्रीलंका के मर्द यूं अल्कोहल गटक रहे हैं, मानो कल आने वाला ही नहीं. व्यस्तता का हवाला देकर वे अपनी पत्नी को खरीदारी नहीं करा सकते, बच्चे को स्कूल से नहीं ला सकते, यहां तक कि छोटा-मोटा घरेलू काम भी नहीं कर सकते. मगर शराब की दुकानों पर लंबी-लंबी लाइनों में देर तक उन्हें खड़े रहना गंवारा है. इन पुरुषों के पास किसी दूसरे काम के लिए ऊर्जा, पैसा या समय बचता भी होगा क्या? मगर जहां तक महिलाओं में कथित तौर पर नशे का सेवन बढ़ने की चिंता है, यह माना जाना चाहिए कि राष्ट्रपति ने उपलब्ध आंकड़ों पर ही यह दावा किया होगा.

मगर क्या वाकई ये आंकड़े विश्वसनीय हैं? ऐसा इसलिए, क्योंकि सरकार की नजर में महज शराब सेवन से ही व्यक्ति नशे में धुत्त नहीं रह सकता! कुछ महीने पहले की राजगिरिया की वह दुर्घटना याद कीजिए, जिसमें विपक्षी दल के एक सांसद ने सड़क किनारे बिजली के खंभे को अपनी एसयूवी गाड़ी से टक्कर मार दी. पुलिस और मेडिकल ऑफिसर ने बताया था कि वह नशे में थे. उन पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला चल सकता था. मगर बाद में यह बात सामने आई कि शराब की बू इसलिए आ रही थी, क्योंकि दुर्घटना के बाद कुछ पियक्कड़ों ने उन्हें गले लगाया था. ऐसे में, महिलाओं की उन्मुक्तता की वजह उनका बीयर पीना नहीं, बल्कि उनके पति या दोस्त द्वारा शराब पीकर उन्हें बाजबरन गले लगाना क्यों नहीं हो सकता? लिहाजा, अगर राष्ट्रपति और दूसरे तमाम नेता संजीदगी से शराबबंदी के गुणों पर चर्चा करें, तो निश्चय ही देश में अल्कोहल का 90 फीसदी सेवन एक रात में ही कम हो सकता है. नशे के खिलाफ सामूहिक लड़ाई लड़नी होगी.

जॉन केरी: मैन ऑन मिशन

अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी को ‘मैन ऑन मिशन’ क्यों न कहा जाए? केरी ने जिस तरह विश्व के अत्यंत मुश्किल समझे जाने वाले मामलों को बार-बार अपना एजेंडा बनाया, वह दुर्लभ है. केरी कई बार विलक्षण, तो कई बार दुस्साहसिक होने की हद तक ऐसे मामलों की जड़ में जाते दिखाई दिए.

इजराइल-फलस्तीन शांति समझौते में वह अपने पूर्ववर्ती जैसे कारगर भले ही न दिखे हों, लेकिन केरी ही थे, जिनके कारण 2015 में ईरान के साथ परमाणु समझौता और पिछले दिसंबर में पेरिस में जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक समझौता जमीन पर उतर पाया. रूस के साथ बातचीत कर पिछले हफ्ते सीरिया में युद्धविराम को अंजाम देकर तो जैसे केरी ने बड़ी जीत हासिल कर ली. सीरिया के संकट ने कितने बेकसूरों की जानें लीं, कितनों को बेघर किया या भुखमरी का शिकार बनाया, यह बताने की जरूरत नहीं. लेकिन क्या इसे वाकई केरी की जीत मान लिया जाए?

असल जीत तो तब होगी, जब युद्धविराम टिकेगा और यह रूस के सकारात्मक रुख पर निर्भर करेगा. रूस के अब तक के रुख को देखते हुए तो इस पर संदेह होता है. ओबामा प्रशासन भी इस पर एक राय नहीं है. केरी से असहमत धड़ा मानता है कि वह बार-बार ऐसे काम किसी जिद की तरह हाथ में लेते हैं, जिनके नतीजे अंतत: मुकम्मल नहीं कहे जा सकते, लेकिन यह भी सच है कि कूटनीतिक क्षेत्र में केरी के प्रयासों की सराहना हुई है. खासकर मुश्किल की जड़ को समझकर उसका समाधान देने के इरादे की.

केरी सीरिया के मामले में राष्ट्रपति ओबामा को कुछ मामलों में भले ही राजी न कर पाए हों, लेकिन यह तो सब मानते हैं कि सीरिया में जो कुछ हुआ, उसमें असल भूमिका केरी की ही थी. शायद यही कारण है कि तमाम आलोचनाओं के बीच केरी मजबूत तो दिखते हैं, हालांकि पिछले अनुभवों के कारण रूस के प्रति पूरी तरह आश्वस्त भी नहीं हो पाते. लेकिन केरी की टिप्पणी कि ‘शायद यह सीरिया को बचा पाने की अंतिम कोशिश हो’ उनके अंदर की पीड़ा का बयान करती है. अब ऐसे में तो केरी की तारीफ होनी ही चाहिए.

कभी बंद किताब पढ़ी है?

भारतवंशी समेत अमेरिकी वैज्ञानिकों की टीम ने एक ऐसी नई तकनीक विकसित करने में बड़ी कामयाबी पाई है, जिसकी मदद से बंद किताब को पढ़ा जा सकेगा. शोधकर्ताओं का कहना है कि इस तकनीक के जरिए पुरातात्विक महत्व की प्राचीन किताबों को बिना छुए पढ़ा जा सकेगा. अमेरिका स्थित एमआईटी के वैज्ञानिक रमेश रस्कर ने बताया कि यह तकनीक तेराहर्ट्स रेडिएशन की मदद से बंद किताब के पेज में लिखे शब्दों और वाक्यों को बेहद सटीकता पहचानने में सक्षम है.

एमआईटी के बरमाक हशमत ने बताया कि न्यूयॉर्क स्थित मेट्रोपोलिटन म्यूजियम ने इस तकनीक पर खासी रुचि दिखाई है. दरअसल, म्यूजियम बिना छुए प्राचीन पुस्तकों को इस नई तकनीक के जरिए पढ़ने की सेवा उपलब्ध कराना चाहता है. इतना ही नहीं, इस तकनीक का इस्तेमाल करके पतली धातुओं की बनी किताब को भी आसानी से पढ़ा जा सकता है.

बंद किताब के किसी निश्चित पेज को पढ़ा जा सके, इसके लिए अमेरिकी शोधकर्ताओं ने एल्गोरिदम विकसित किया है. ऐसे में निश्चित पेज को पढ़ने के लिए कैप्चा की तरह की इमेज की जरूरत होगी. इसके बाद बंद किताब के निश्चित पेज को पढ़ा जा सकता है. यह शोध नेचर कम्यूनिकेशन्स जर्नल में प्रकाशित हुआ.

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