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मुझे हमबिस्तरी करते वक्त बीवी का अंग ढीला लगता है और बीवी को मेरा अंग पतला व छोटा. क्या करें.

सवाल

मुझे हमबिस्तरी करते वक्त बीवी का अंग ढीला लगता है और बीवी की शिकायत रहती है कि मेरा अंग पतला व छोटा है, यानी कुलमिला कर हम दोनों ही नाखुश रहते हैं. क्या करें?

जवाब

अंगों के छोटे, पतले या ढीले होने से हमबिस्तरी पर कोई फर्क नहीं पड़ता है. अगर आप दोनों सही तरीके से पहले तैयार हो कर पूरी तरह जोश में आने के बाद हमबिस्तरी करेंगे, तो सारी शिकायतें दूर हो जाएंगी.

सेक्स पहली बार हो या दूसरी बार लेकिन इसको सही तरीके से करना बहुत मुश्किल होता है. सेक्स करने का सही तरीका ही दोनों साथी को और ज़्यादा करीब लाता है. लेकिन सबसे मुश्किल की बात यह है कि इसके बारे में बहुत कम लोगों को ही मालूम होता है. बहुत लोगों के मन में इसके बारे में बहुत सवाल होते हैं कि कैसे सेक्स की शुरूआत अच्छी तरह से की जाये. इसलिए यहां कुछ बातों के बारे में एक-एक करके बताया जा रहा है जिसके द्वारा आप सेक्स संबंध की शुरूआत अच्छी तरह से कर पायेंगे-

पहले इस बात का पता लगायें कि आपका साथी सेक्स करने के लिए इच्छुक है कि नहीं

सेक्स करने का पहला नियम यह है कि आप अपने साथी के मन की बात को जानें. हर समय हर कोई सेक्स के लिए तैयार नहीं भी हो सकता है इसलिए साथी से पूछ लेना अच्छा होता है या प्यार भरे स्पर्श से भी इस बात का पता लगाया जा सकता है कि वह मानसिक और शारीरिक तौर पर तैयार है कि नहीं.

पहले से मानसिक रूप से तैयार हो जायें

सेक्स करना एक ऐसा अनुभव होता है जो न सिर्फ आपको आनंद प्रदान करता है बल्कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बहुत लाभ मिलता है, जैसे- कैलोरी बर्न होता है, अवसाद से निजात मिलता है. लेकिन सावधानी की बातों पर ध्यान रखना ज़रूरी होता है नहीं तो इस आनंद का मजा किरकिरा हो सकता है, जैसे- अनचाहा गर्भ, कोई संक्रमक बीमारी आदि. इसलिए सेक्स करने के पहले कॉन्डोम या गर्भनिरोधक गोलियों का बंदोबस्त रखना रूरी होता है. सेक्स करने के पहले साथी के मन की बात को समझना अच्छा होता है और यदि पत्नी बच्चा लेने के लिए तैयार नहीं है तो सेक्स करने के वक्त कॉन्डोम का इस्तेमाल ज़रूर करें. कभी भी जबरदस्ती न करें.

आराम प्रदान करने वाले जगह का चुनाव करें

सेक्स करने के लिए ऐसे जगह का चुनाव करना चाहिए जो जगह आपके मन और शरीर दोनों को आराम पहुंचा सके. जो जगह सिर्फ आपकी अपनी हो वही जगह अच्छी होती है.

सेक्स करने के लिए कभी भी साथी के साथ जबरदस्ती न करें

यौन संबंध स्थापित करने के लिए सबसे पहला नियम है प्यार. इस नियम को कभी न भूलें क्योंकि जबरदस्ती प्यार नहीं अत्याचार होता है. आप दोनों को एक-दूसरे की इच्छाओं का सम्मान करना चाहिए, तभी एक अच्छा सेक्स जीवन शुरू हो सकता है. यह तभी हो सकता है जब आप एक दूसरे से खुलकर अपने मन की बात कहेंगे.

प्यार भरा स्पर्श और चुंबन या किस करना

शारीरिक संपर्क स्थापित करने के पहले प्यार भरा संपर्क स्थापित करना ज़रूरी होता है. ज़्यादातर महिलाओं को प्रेम संबंध स्थापित करने के पहले मानसिक रूप से तैयार होने के लिए चुंबन, उनका परवाह करना, कामुक स्पर्श करना अच्छा लगता है. इसके द्वारा वे धीरे-धीरे इस संबंध के लिए मानसिक रूप से तैयार होने लगती हैं.

फोरप्ले की महत्वपूर्ण भूमिका

साधारणतः फोरप्ले का महत्व पुरूष नहीं देते हैं मगर महिलाओं को सेक्स के लिए उत्तेजित करने के लिए फोरप्ले बहुत ज़रूरी होता है. सेक्स करने के पहले चुंबन, आलिंगन (cuddle), आंतरिक अंगों में प्यार का स्पर्श यह सब ज़रूरी होता है. यह सब उन्हें मानसिक रूप से तृप्त करती हैं. उसी तरह पुरूषों के शरीर को भी महिलाओं के प्यार भरे स्पर्श की ज़रूरत होती है तभी उनका शरीर तृप्त होता है.

सही समय का इंतजार

प्रेम संबंध शुरू करते ही पेनिट्रेशन करना सबसे बुरा व्यवहार होता है क्योंकि इस से दोनों के बीच प्यार का बंधन नहीं सिर्फ एक काम को करने की अनुभूति मात्र होती है. जब आपका साथी पूरी तरह से अपने चरम अवस्था में पहुंच जाये तभी पेनिट्रेशन का सुख भोग करें.

लिंग प्रवेश के पहले कुछ बातों का ध्यान रखें

सेक्स का आनंद उठाने के लिए प्राथमिक बातों के बारे में भी जान लेना ज़रूरी होता है. महिला के योनिमार्ग के बारे में अच्छी तरह से जान लें. हो सकता है पहली बार पुरूषों को इस बात का पता नहीं होता है कि योनिमार्ग (vagina) किधर है. इसलिए बिना जाने वे लिंग का प्रवेश करने की कोशिश करते हैं जिससे महिलाओं को भीषण दर्द का अनुभव करना पड़ता है. इसलिए बिना शर्म किए अपने साथी की सहायता लें.

प्यार संबंध स्थापित करना

पेनिट्रेशन के बाद पुरूष को अपने सुख के साथ साथी के खुशी का भी ध्यान रखना चाहिए. दोनों को अपने मन की बात एक दूसरे को बतानी चाहिए ताकि दोनों सेक्स का पूरा आनंद उठा सके और एक-दूसरे को संतुष्ट कर सके. सेक्स का आनंद उठाने के लिए एक-दूसरे का साथ देना चाहिए.

सेक्स संबंध स्थापित करने के बाद

सेक्स संबंध स्थापित करने के तुरन्त बाद ही अलग नहीं हो जाना चाहिए जैसे कि काम हो गया चलो अब चलते हैं. बल्कि एक-दूसरे को प्यार करना चाहिए, किस करना चाहिए, आलिंगन करना चाहिए इससे दोनों के बीच का संबंध और भी गहरा होता है.

प्रेम संबंध स्थापित करने के अंतिम अवस्था में

संबंध स्थापित करने के बाद अपने खुशी को जाहिर करें. आपको इस संबंध से कितनी संतुष्टि मिली है इस बात को व्यक्त करें. सबसे ज़रूरी बात यह है कि खुद के अंतरंग अंगों को साफ कर लें. अगर आपके कॉन्डोम का इस्तेमाल किया है तो कागज में रैप करके डस्टबीन में फेंक दें.

 

अगर आप भी इस समस्या पर अपने सुझाव देना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट करें और अपनी राय हमारे पाठकों तक पहुंचाएं.

क्रेडिट कार्ड : आप तो नहीं कर रहे ये गलतियां

समय पर पैसों की जरूरत के लिहाज से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. आंकड़ों के मुताबिक देश में करीब 28 मिलियन क्रेडिट कार्ड यूजर्स हैं. अगर आप नौकरीपेशा हैं तो आपके पास भी बैंकों की तरफ से क्रेडिट कार्ड लेने के लिए फोन आते रहे होंगे. लेकिन क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की जरूरत होती है.

अगर क्रेडिट कार्ड का दुरुपयोग हो तो यह एक खतरनाक चीज हो सकती है. लेकिन अगर इसका सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो यह वास्तव में काफी सारे लाभ प्रदान कर सकता है. अपने क्रेडिट कार्ड का अधिकतम लाभ उठाने के लिए, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपसे कुछ भूलें न हों.

बिल का देर से भुगतान करना

समय पर क्रेडिट कार्ड बिलों का भुगतान न करने से आपको एक से अधिक तरीकों से नुकसान हो सकता है. अपने न्यूनतम बिल का समय पर भुगतान न करने की वजह से आपको लेट पेमेंट फीस का भी भुगतान करना पड़ सकता है. साथ ही देरी से भुगतान करने पर आपका क्रेडिट स्कोर भी प्रभावित हो सकता है.

क्या आप सिर्फ मिनिमम पेमेंट का भुगतान करते हैं

अगर आप अपने क्रेडिट कार्ड के लिए सिर्फ मिनिमम पेमेंट का भुगतान करते हैं तो यह भी एक गलत आदत है. मिनिमम पेमेंट के भुगतान से बेहतर है कि आप कुछ भी भुगतान न करें. ऐसे करने से आपको ऊपर ब्याज का बोझ भी तेजी से बढ़ता चला जाता है. ऐसे में जितनी लंबी अवधि तक आप अपने कार्ड पर पेमेंट को बनाए रखते हैं उससे आपका क्रेडिट स्कोर भी प्रभावित होता है.

क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़वाना सही नहीं

अगर आप अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़वाते रहते हैं तो यह भी कई स्तर पर खतरनाक है. इसका कारण यह है कि आप पर जितना चार्ज लगता है आप अपने बैलेंस के भुगतान के लिए उतना ही संघर्ष करते हैं. क्रेडिट कार्ड की लिमिट को बढ़वाने से आपके क्रेडिट उपयोग का अनुपात भी बढ़ सकता है. लिमिट में जो भी इजाफा होता है वो आपके क्रेडिट कार्ड के उपयोग करने के लिए होता है, लेकिन जब ऐसा होता है आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित होता है.

बिना किसी वाजिब कारण के पुराना क्रेडिट कार्ड बंद करवाना

ऐसा देखा जाता है कि छठे चौमासे इस्तेमाल में आने वाले क्रेडिट कार्ड को लोग बंद करवा देते हैं. लेकिन अगर आपके पास कोई ऐसा कार्ड है जो काफी पुराना है लेकिन उसका इस्तेमाल कभी-कभी ही होता है तो इसे ओपन रखना ही आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. इसका पहला फायदा यह होता है कि अगर आप लंबे समय तक ऐसे खाते को ओपन रखते हैं तो यह आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के लिए फायदेमंद रहता है.

क्रेडिट कार्ड की शर्ते

बैंक की ओर से क्रेडिट कार्ड दिए जाने से पहले एक लंबा करार किया जाता है, जिसमें कुछ कानूनी क्लॉज शामिल होते हैं, लेकिन वास्तव में, कागज का वह टुकड़ा उन जानकारियों से भरा होता है जिसे आपको जानने की आवश्यकता होती है. अगर आप अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़ी शर्तों व नियम को बखूबी जानते हैं तो यह आपको खरीद निर्णयों में मदद करेंगे.

बेहतर टर्म के बारे में नहीं पूछना

आप सोचते होंगे कि आपके क्रेडिट कार्ड से जुड़े टर्म पत्थर पर लिखी बात हैं लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि अगर आप अपने बैंक से जानकारी लेते रहते हैं तो यह आपके लिए ज्यादा बेहतर साबित हो सकता है. क्रेडिट कार्ड डॉट कॉम के सर्वे के मुताबिक 80 फीसद से अधिक कार्डधारक अपने क्रेडिट कार्ड के नियमों को लगातार सुधारने में सफल रहे हैं क्योंकि वो इस संबंध में सीधे अपने बैंक से समय-समय पर पूछताछ करते रहे. अगर आप के अंदर लगातार पूछने (बैंक के संपर्क में रहने की) की आदत है को आप अपनी सालाना फीस को भी कम ब्याज दर के साथ कम करवा सकते हैं.

सालाना फीस का भुगतान और बदले में कुछ नहीं

अगर आपका क्रेडिट स्कोर खराब है या आप काफी सारे फायदों वाला कार्ड चाहते हैं, तो आपके पास सालाना फीस का भुगतान करने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं होता है. लेकिन इसके उलट अगर आपका क्रेडिट मजबूत है तो आपको काफी सारे फायदे हो सकते हैं. काफी सारे बैंक फ्री क्रेडिट कार्ड की सुविधा देते हैं.

बैंकों के ऑफर्स से बचें

काफी सारी क्रेडिट कार्ड कंपनियां ग्राहकों को डिफर्ड इंट्रेस्ट रेट के साथ लुभाने का प्रयास करती हैं जिसका मतलब होता है कि आप आज से कार्ड का इस्तेमाल करना शुरू करें और निकट अवधि में आपको अपने बैलेंस पर किसी भी तरह के ब्याज का भुगतान नहीं करना पड़ेगा. लेकिन ऐसे में ग्राहकों को यह अंदेशा नहीं रहता है कि अगर आप समय पर अपने बिल का भुगतान नहीं कर पाते हैं और आपका फ्री ग्रेस पीरियड खत्म भी हो जाता है, तब क्रेडिट कार्ड कंपनियां आपके मूल बैलेंस पर व्यापक स्तर पर चार्ज वसूलती हैं. इस लिहाज से यह भी नुकसानदेह होता है.

कार्ड खोने की तुरंत रिपोर्ट न करना

अधिकांश जारीकर्ता खोए हुए या चोरी हुए क्रेडिट कार्ड पर किए गए आरोपों से सुरक्षा प्रदान करते हैं, लेकिन अहम बात यह है कि आप अपने नुकसान पर तुरंत कार्यवाही करें, ताकि नुकसान को कम किया जा सके. कार्ड खोने की सूरत में आप जितनी जल्दी इसकी रिपोर्ट करते हैं आपके लिए यह उतना ही फायदेमंद रहता है.

रिवार्ड को एक्सपायर होने देना

एक क्रेडिट कार्ड के बावजूद दूसरे कार्ड का चयन करना पेश होने वाले रिवार्ड ऑफर्स होते हैं. लेकिन कुछ रिवार्ड्स की कोई अंतिम तारीख नहीं होती है जबकि कुछ इसकी पेशकश करते हैं. हमें हमेशा इस बात पर नहीं ध्यान देना चाहिए कि आपके पास कितने रिवार्ड प्वाइंट बल्कि इस पर भी गौर करना चाहिए कि आप उन्हें कब तक भुना या उनका फायदा ले सकते हैं.

करोड़ों दिलों की धड़कन हैं साउथ की ये अभिनेत्रियां

साउथ इंडियन फिल्मो में हमें ग्लैमर, ड्रामा और एक्शन भरपूर देखने को मिलता है. एक्शन के साथ साथ हमें साउथ की फिल्मो में खूबसूरत एक्ट्रेसस का ग्लैमरस हॉट लुक्स भी देखने को मिलते है जो दर्शकों को बहुत आकर्षित करता है.

आज हम उन्हीं साउथ इंडियन एक्ट्रेसेस के बारे में आपको बता रहे हैं, जो भारत के लाखों, करोड़ो लोगों के दिल मे बसी हुई हैं.

श्रिया सरन

यह प्रतिभाशाली अभिनेत्री सिर्फ एक खूबसूरत चेहरा ही नहीं हैं. इनकी एक्टिंग भी जबरदस्त है. वे अपने सभी पात्रों को, सबके सामने मानो चित्रित सा कर देती हैं. साल 2001 में तेलुगू फिल्म इश्तम के साथ उन्होंने बड़े पर्दे पर अपना पदार्पण किया. रजनीकांत की फिल्म शिवाजी: द बॉस में अभिनय से बहुत लोकप्रियता हासिल की.

काजल अग्रवाल

दक्षिण में अपनी बड़ी शुरुआत से पहले, काजल ने साल 2004 में बॉलीवुड की फिल्म ‘क्यूं’ से पहली बार शुरुआत की थी. इस अभिनेत्री ने अपना तेलगु फिल्म  इंडस्ट्री डेब्यू लक्ष्मी कल्याणम फिल्म के साथ किया और मगधीरा में अपने प्रदर्शन के बाद बहुत तारीफें बटोरी.

तमन्ना भाटिया

साउथ की इस अभिनेत्री को कौन नहीं जानता, जिसने अपनी खूबसूरती से सभी का दिल जीत रखा है. तमन्ना ने रोमांटिक बॉलीवुड फिल्म चांद सा रोशन चेहरा से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की. इसके बाद वे दक्षिण-भारतीय निर्देशकों के साथ काम करने लगीं.

श्रुति हासन

बेहतरीन बहु-प्रतिभाशाली कलाकारों में से एक हैं अभिनेत्री श्रुति हासन. ये तो सभी जानते हैं कि वे एक दक्षिण भारतीय अभिनेत्री होने के साथ-साथ, गायक और संगीतकार भी हैं. वे दक्षिण के साथ, हिंदी सिनेमा में भी सभी की आंखों का उत्साह हैं.

तापसी पन्नू

अभिनेत्री तापसी ने साल 2010 में तेलुगू फिल्म ‘झुम्मंडी नदाम’ के साथ Dhvs अभिनय की शुरुआत की थी. इस फिल्म को राघवेंद्र राव ने निर्देशित किया था. इसके बाद से तापकी का करियर सफलता की ओर बढ़ता रहा. उन्होंने फिल्म पिंक से बॉलीवुड में भी अपना कमाल दिखाया.

बेहद खूबसूरत हैं इन क्रिकेटर्स की बीवियां

भारतीय क्रिकेटर्स तो अक्सर चर्चा में बने रहते हैं लेकिन क्या आप उनकी पत्नियों के बारे में जानते हैं? इन क्रिकेटर्स की पत्नियां इतनी खूबसूरत हैं कि बॉलीवुड अभिनेत्रियों को भी मात दे दें. आइए आज हम आपको भारतीय क्रिकेटर्स की खूबसूरत पत्नियों से रूबरू कराते हैं.

साक्षी धोनी

महेंद्र सिंह धोनी की पत्नी साक्षी धोनी काफी ग्लैमरस हैं. वो अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें शेयर करती हैं. धोनी से उनकी शादी साल 2010 में हुई थी. दोनों की एक बेटी जीवा भी है.

हेजल कीच

युवराज सिंह ने अभिनेत्री हेजल कीच से शादी की है. हेजल बहुत खूबसूरत दिखती हैं साथ ही वो काफी ग्लैमरस भी हैं. दोनों ने 2016 में शादी की थी. बता दें कि कीच आइटम सॉन्ग भी कर चुकी हैं. साथ ही सलमान खान के साथ फिल्म बॉडीगार्ड में भी दिखाई दी थीं.

गीता बसरा

2015 में हरभजन सिंह की शादी गीता बसरा से हुई थी. गीता अभिनेत्री रह चुकी हैं और काफी ग्लैमरस हैं. उनकी एक प्यारी सी बेटी भी हैं.

पूजा पाबरी

चेतेश्वर पुजारा की पत्नी पूजा पाबरी से हुई है. दोनों की शादी साल 2013 में हुई थी. पूजा को कई मौकों पर मैच के दौरान स्टेडियम में देखा गया है.

रितिका सजदेह

रोहित शर्मा ने साल 2015 में रितिका सजदेह से शादी की. रितिका भी काफी ग्लैमरस हैं और उनके पति रोहित अक्सर उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं. रितिका स्पोर्ट्स और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में मैनेजर रह चुकी हैं.

दीपिका पल्लीकल

दिनेश कार्तिक ने स्क्वैश प्लेयर दीपिका पल्लीकल से साल 2015 में शादी की थी. दीपिका ग्लैमरस भी हैं और खूबसूरत भी. दीपिका सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और अक्सर अपनी तस्वीरें शेयर करती हैं.

आयशा मुखर्जी

शिखर धवन की पत्नी आयशा मुखर्जी खूबसूरत होने के साथ-साथ काफी स्टाइलिश भी हैं. दोनों ने साल 2012 में शादी की थी. इनका एक बेटा भी है जिसका नाम जोरावर धवन है. आयशा मुखर्जी किक बॉक्सर भी रही हैं.

प्रियंका

सुरेश रैना ने प्रियंका से शादी की है. प्रियंका एक बैंकर हैं. दोनों की शादी साल 2015 में हुई थी. दोनों की एक बेटी है जिसका नाम ग्रेशिया रैना है.

प्रीति नारायणन

आर. अश्विन ने साल 2011 में प्रीति नारायणन से शादी की थी. प्रीति उस वक्त चर्चा में आई थीं जब उन्होंने सोशल मीडिया पर खुद अपने पति यानी अश्विन को ट्रोल किया था.

परखिए अपने हमसफर का अपनापन

एक शख्स, जिस की खातिर मन जमाने से बगावत करने पर उतर आता है. हर आहट में उसी का खयाल आने लगता है. उसे पाने की हसरत जिंदगी का मकसद बन जाती है, बस, यही है मुहब्बत. आप का किसी को पूरी शिद्दत से चाहना ही काफी नहीं होता, जरूरी है कि वह भी आप के खयालों में गुम हो.

वैसे तो प्यार को परखने का कोई पैरामीटर नहीं होता, लेकिन निम्न बातों पर ध्यान दे कर आप कुछ हद तक अपने बौयफ्रैंड की हकीकत से रूबरू हो सकती हैं :

आप के प्रति उस का नजरिया

आप जब उस के साथ होती हैं तो आप के प्रति उस का नजरिया क्या होता है? यदि वह आप को समानता के स्तर पर रखता है तो यह सब से प्रमुख बात है. इस से यह जाहिर होता है कि मुसीबत के पलों में वह पल्ला नहीं झाड़ेगा. हमेशा आप का साथ देगा.

आप की कही बात पर उस की सोच

जब वह आप से बात करता है तो क्या वह जिंदगी के बारे में भी बातें करता है? अगर हां तो वह सही माने में गंभीर है, क्योंकि फ्लर्ट करने वाले अकसर मौजमस्ती की बातों को ही प्रमुखता देते हैं.

अपेक्षाएं जायज रखता है

क्या वह आप से आत्मीय सहयोग तथा अपनापन रखता है. कहीं ऐसा तो नहीं कि घूमनेफिरने या अकसर अकेले में घूमने की जिद करता है. न मानने पर डांट भी देता है. इस से न तो आप खुश रह सकती हैं और न ही वह.

आप की सहेलियों से उस का व्यवहार

एक अच्छे इंसान की तरह पेश आता है या आशिक मिजाज के रूप में. इस से उस का चरित्र पता चलता है. स्त्रीपुरुष के परस्पर रिश्तों में ईमानदारी बरतना जरूरी है, क्योंकि यदि आप समाज और परिवार में रहते हैं तो उन के उत्तरदायित्वों का पालन करना आप का नैतिक कर्तव्य भी है. यदि आप के चोरीछिपे कहीं और रिश्ते हैं तो एक दिन आप की पोल खुलनी तय है.

आप का मूड खराब होने पर क्या करता है

कभीकभी सामान्य बातचीत में आप का मूड खराब हो जाता है तब क्या वह आप को खुश करने का प्रयास करता है या उसे इस से कोई फर्क नहीं पड़ता या  उस की ईगो आड़े आती है कि मैं क्यों मनाऊं. समस्याएं तो जीवन का हिस्सा हैं, अत: उन का दोनों को ही डट कर मुकाबला करना चाहिए. मैं और तुम का चक्कर छोड़ हम पर महत्त्व देना चाहिए.

तारीफ भी जरूरी है

क्या वह आप का बर्थडे याद रखता है? अगर नहीं तो समझ लीजिए कि उस का प्रेम बनावटी है और ये ही छोटीछोटी बातें बाद में कई बार तनाव की वजह बन जाती हैं. वैसे भी सफल रिश्ते का मूलमंत्र है अपने जीवन साथी की तारीफ करना.

सब से जरूरी बात

क्या वह आप पर भरोसा करता है या सुनीसुनाई बातों पर यकीन कर के झगड़ा मोल लेता है.

तो अब देखें क्या आप का भावी जीवन साथी आप की बातों पर खरा उतरता है. ये बातें दिखनेसुनने में भले ही सामान्य लगें, पर पूरे जीवन का सफल मूलमंत्र हैं.                           

दोस्त का ब्रेकअप, कैसे करें मदद

‘‘क्या हुआ, तुम इतनी उदास क्यों बैठी हो,’’ नीता ने पूछा तो नेहा फूट पड़ी, ‘‘अविनाश से मेरा ब्रेकअप हो गया है. काफी समय से हम दोनों साथ थे परंतु उस ने मुझे धोखा दे दिया. आई डोंट नो यार, वह तो हमेशा साथ निभाने की बातें करता था, लेकिन उस के मन में क्या चल रहा था यह मुझे पता नहीं था.’’

 ‘‘यार नेहा, छोड़ अब इन बातों को और अपनी जिंदगी की नए सिरे से शुरुआत कर,’’ नीता ने नेहा के आंसू पोंछते हुए समझाया. अकसर देखने में आता है कि ब्रेकअप के बाद युवतियां अपनेआप को काफी हताश महसूस करने लगती हैं साथ ही मानसिक रूप से भी इतनी अधिक कमजोर पड़ जाती हैं कि उन्हें जरूरत होती है ऐेसे दोस्त की जो उन्हें समझ सके. अगर आप की दोस्त का भी ब्रेकअप हो गया है तो आप अपनी दोस्त को इस मुश्किल घड़ी से निकालने में मदद कर सकते हैं जानिए कैसे :

समझदारी दिखाएं

सब से पहले जरूरी है कि आप उस की बात समझिए आखिर उन के बीच हुआ क्या था? उसे अपने मन की बात बोलने दें, इस से उस का मन हलका होगा और जब आप उस की बात सुनेंगे तो उसे अपनेपन का एहसास भी होगा. ब्रेकअप के बाद वैसे भी दोनों पार्टनर के मन में काफी कुछ चलता रहता है. दोनों एकदूसरे को दोषी ठहराते नजर आते हैं. ऐसे में आप की दोस्त में भी काफी गुस्सा होना लाजमी है. यदि वह आप को सबकुछ बता देगी तो उस का मन शांत हो जाएगा इसलिए बिना कोई राय दिए उस की पूरी बात सुनें.

अनदेखा करना

कई बार ऐसा होता है कि शुरू में जब आप की दोस्त का दिल टूटा होता है, आप उस की सब बातें सुन लेते हैं, लेकिन थोड़े दिन बाद उसे अनदेखा करने लगते हैं. इस से वह मानसिक तौर पर भी टूट जाती है, क्योंकि जिस से वह प्यार करती थी वह तो दूर चला ही गया अब तो उस के सच्चे दोस्त भी उसे अनदेखा कर रहे हैं. इसलिए जरूरी है कि इस दौरान जब भी उसे अकेलापन महसूस हो, तो आप उसे खुशी का एहसास कराएं. इस से वह बेहतर तरीके से आप से जुड़ पाएगी और मजबूत होती चली जाएगी. इस के लिए आप उसे ज्यादा से ज्यादा समय दें, जब वह निराश हो तो उस में अपनी पौजिटिव बातों से नई ऊर्जा भरने की कोशिश करें. इस से वह बहुत जल्दी इस गम से उभर पाएगी.

घूमने जाएं

यदि आप उस के साथ कहीं घूमने का प्रोग्राम बनाते हैं तो उसे अच्छा लगेगा, क्योंकि ब्रेकअप के बाद युवतियां काफी तनाव में आ जाती हैं. इस तनाव से उभारने के लिए जरूरी है कि  आप उस का ध्यान किसी और जगह पर लगाएं. सभी पुराने दोस्तों को इकट्ठा करें और कहीं घूमने का प्लान बनाएं. किसी ऐसी जगह, जहां आप सभी ऐंजौय कर सकें. जैसे किसी कौमेडी मूवी को देखने या ऐम्यूजमैंट पार्क आदि जगहों पर वह अपनेआप को बेहतर महसूस करेगी और वैसे भी पुराने दोस्तों के साथ मजा दोगुना हो जाएगा.

विश्वासघात न करें

यदि आप अपनी दोस्त का सच्चा मित्र बनना चाहते हैं तो जरूरी है कि आप उस से विश्वासघात न करें. जब वह आप के  सामने अपनी बातें शेयर कर रही हो तो जरूरी है कि आप उस की बातों को और कहीं किसी के सामने न बताएं, क्योंकि शायद उस ने अपने ब्रेकअप से पहले की कुछ सीक्रेट बातें आप से कह दी हों, लेकिन ऐसे में आप का फर्ज है कि उन की बातों को अपने तक ही रखें. धीरेधीरे आप उन के सब से भरोसेमंद फ्रैंड बन जाएंगे और वह आप से हर तरह की बात शेयर कर पाएगी.

बौयफ्रैंड की बुराई न करें

आप की दोस्त का बौयफ्रैंड जिस से उस का ब्रेकअप हुआ है, की बुराई न करें. इस से उस का मन और भी दुखी होगा. साथ ही वह बहुत ज्यादा तनाव महसूस करेगी बल्कि कोशिश करें कि  वह इन बातों से उबर सके, क्योंकि जितनी बातें आप उस से ब्रेकअप के बारे में करेंगे या उस के ऐक्स केबारे में करेंगे वह उतनी ही परेशान होगी. यह भी हो सकता है कि वह इरिटेट हो कर आप से बात करना ही छोड़ दे.

मजाक न बनाएं

कई लोगों की आदत होती है कि वे दूसरों की बातों का मजाक उड़ाते फिरते हैं. यह भी नहीं सोचते कि उस पर क्या गुजर रही है. जरूरी यह है कि आप किसी की भावनाओं को बिना ठेस पहुंचाए उस को ऐसी परिस्थितियों से उबारने की कोशिश करें. मुश्किलें तो हर किसी के जीवन में आती हैं, लेकिन यदि हम सच्चे दोस्त हैं तो जरूरी है कि इस मुश्किल घड़ी में उस का साथ दें.

नए रिश्ते बनाने की सलाह

ब्रकअप के बाद जब आप की फ्रैंड सिंगल है तो इस का यह मतलब कतई न निकालें कि उसे एक बौयफ्रैंड की सख्त जरूरत है. उसे समझाएं कि उस का ऐक्स बौयफ्रैंड उस के लिए बना ही नहीं था, उसे किसी ऐसे का चुनाव करना चाहिए जो उसे समझ सके. इस से उसे भी लगेगा कि जल्दबाजी में किसी से भी दोस्ती करने का कोई फायदा नहीं होगा.               

बोल तेरे साथ क्या सुलूक किया जाए

’धोखेबाज’, ’दगाबाज’, ’झूठा’, ’मक्कार…’ कुछ समय पहले तक युवतियां अकसर इस तरह के संबोधनों से अपने बेवफा प्रेमी को संबोधित करती थीं और छटपटा कर रह जाती थीं, लेकिन वक्त के साथसाथ युवतियों की सोच और उन के व्यवहार में काफी बदलाव आया है. अब वे भी ’जैसे को तैसा’ की नीति पर विश्वास करते हुए सिसकियां भर कर अपने दगाबाज प्रेमी को भुलाने के बजाय उसे सबक सिखाना ज्यादा उचित समझती हैं.

हाल ही में लंदन की एक डैंटिस्ट प्रेमिका ने भी अपने बौयफ्रैंड को सबक सिखाने के लिए कानून तक को अपने हाथ में ले लिया. हुआ यों कि जब प्रेमिका को अपने प्रेमी की बेवफाई के बारे में पता चला तो उसे सबक सिखाने के चक्कर में उस ने उस के  सारे दांत तोड़ डाले. डैंटिस्ट ने बहाने से अपने प्रेमी को क्लिनिक पर बुलाया और चैकअप का झांसा दे कर उस के सारे दांत निकाल दिए. जब तक प्रेमी को होश आया, तब तक उसे धोखेबाजी की सजा मिल चुकी थी. उसे बिना दांत के देख उस की दूसरी प्रेमिका भी उसे छोड़ कर भाग गई, लेकिन बाद में उस डैंटिस्ट को जेल की हवा खानी पड़ी.

अकसर देखा गया है कि युवतियां बदला लेने के चक्कर में यह भूल जाती हैं कि उन्हें खुद को नहीं बल्कि अपने बेवफा प्रेमी को दुख पहुंचाना है. इस चक्कर में वे ऐसे काम कर जाती हैं, जिन से उन का भी नुकसान हो जाता है. इस बाबत बालाजी ऐक्शन मैडिकल इंस्टिट्यूट की साइकोलौजिस्ट शिल्पी आस्ता कहती हैं, ’’किसी युवक को सबक सिखाना या उस से बदला लेना गलत नहीं है, लेकिन ऐसा करते समय युवतियों को अपना मानसिक संतुलन बनाए रखना चाहिए.’’ बीते दिनों एक खबर ने लोगों को चौंका दिया था. दिल्ली की दीपिका ने अपने धोखेबाज मंगेतर पर शादी से ठीक एक सप्ताह पहले तेजाब फेंक दिया. इस से उस की एक आंख की रोशनी चली गई और एक कान से सुनाई देना बंद हो गया. दीपिका की इस करतूत पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. दीपिका की तरह ही बहुत सी युवतियां हैं, जो बदले को क्राइम का रूप दे बैठती हैं.

बदले की भावना के चलते युवतियां भले ही अपने साथ हुए धोखे का बदला ले लेती हों, मगर यह बदला कभीकभी इतना खतरनाक हो जाता है कि उन्हें लेने के देने पड़ जाते हैं. डा. शिल्पी कहती हैं कि सब से बड़ा बदला तो यही है कि युवक को इस बात का एहसास करा दो कि उस के बिना भी आप खुश हैं और ठीक तरह से अपनी जिंदगी बिता सकती हैं, लेकिन इस के बावजूद अगर आप का मन बिना उस को नुकसान पहुंचाए नहीं मानता तो बदला लेने के कुछ ऐसे तरीके भी हैं, जिन से आप कानूनी चाबुक पड़ने से बच सकती हैं.

बदले के 30 तीर… और प्रेमी ढेर

1      सब से पहला और आसान तरीका तो यह है कि आप अपने बौयफ्रैंड के दोस्त को ही पटा लें. इस से आप के बौयफ्रैंड के अंदर जलन की भावना पैदा हो जाएगी. हो सकता है उसे अपनी गलती का एहसास हो जाए और वह आप की जिंदगी में वापस आना चाहे.

2      आप अपने बौयफ्रैंड को फर्जी एसएमएस मसलन, ’हैलो डार्लिंग, कैसे हो?’, ’यू फिल्ड माई लाइफ विद हैपीनैस’, ’आई मिस यू, आई लव यू’,’तुम जो आए जिंदगी में बात बन गई…’ भेजें और तुरंत बाद अगले ही मैसेज में खेद प्रकट करते हुए लिखें कि यह मैसेज उस के लिए नहीं किसी और के लिए था.

3      अपने धोखेबाज प्रेमी से बदला लेने के लिए सभी फ्रैंड्स के बीच यह बात फैला दें कि वह गे था इसलिए उसे छोड़ दिया.

4      अपने धोखेबाज प्रेमी को नीचा दिखाने के लिए आप यह भी कर सकती हैं कि कालेज और उस के औफिस में यह अफवाह फैला दें कि आप के दगाबाज प्रेमी को मानसिक रोग है और अपनी इस बीमारी के चलते वह किसी को भी नुकसान पहुंचा सकता है.

5      जिस युवती के लिए उस ने आप को धोखा दिया उस युवती के सामने प्रेमी की सारी पोलपट्टी खोल दें. उस की नई प्रेमिका को अपनी और उस की तसवीरें दिखाएं या फिर उस के ईमेल, एसएमएस और व्हाट्सऐप दिखाएं.

6      अपने बौयफ्रैंड के नाम पर उस के पड़ोसियों के घर के पते पर कोई अश्लील पत्रिका भिजवा दें. इस से उस के आसपास रहने वालों में उस की  इमेज बिगड़ेगी.

7      अगर आप का धोखेबाज प्रेमी आप के कालेज में ही आप के साथ है, तो मौका देख कर उस की शर्ट पर ’मैं धोखेबाज हूं’ की चिट चिपका दें. जब इस चिट के साथ कालेज के अन्य छात्रछात्राएं उसे देखेंगे, तो वह सब के आगे हंसी का पात्र बनेगा.

8      अगर इतने से भी जी न भरे तो किसी अनजान युवती को हायर कर बीच सड़क पर अपने बेवफा आशिक पर छेड़छाड़ का इलजाम लगवा कर उसे पिटवा दें.

9      अपनी किसी फ्रैंड को उस से फ्लर्ट करने को कहें और जब प्रेमी रिलेशनशिप में सीरियस हो जाए तो अपनी दोस्त को उसे धोखा देने को कहें.

10    अलगअलग नंबरों से फोन कर उसे धमकी दें. जब तक वह अपना नंबर बदल न ले ऐसा करते रहें. नंबर बदल लेने के बाद फिर कहीं से उस का नंबर पता लगाएं और फिर से उसे परेशान करें.

11    अगर संभव हो तो अपने प्रेमी की ऐसी तसवीरें जो उस के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती हों, अपने सारे दोस्तों को एमएमएस कर दें या फिर अलगअलग साइट पर अपलोड कर दें.

12    प्रेमी के घर उस की शादी का नकली कार्ड बनवा कर भिजवा दें. ऐसा करने से उस के घर में बवाल मच जाएगा.

13    बदला लेने के लिए आप प्रेमी को एक बेनाम गिफ्ट पैक  भेज सकती हैं. गिफ्ट हेयर रिमूवर की बौटल पर किसी शैंपू का स्टीकर चिपका कर उसे ऐसे रखें कि वह नया लगे.

14    अगर प्रेमी उसी कालेज या औफिस में हो जहां आप भी काम करती हों, तब आप के लिए उस की चाय या कौफी में जमालगोटा मिलाने में मुश्किल नहीं होगी. पेट पकड़ कर जब पूरा दिन वह वाशरूम के चक्कर लगाता दिखेगा, तो आप के कलेजे को पक्का ठंडक मिलेगी.

15    कालेज के बुलेटिन बोर्ड का सही इस्तेमाल करें और प्रेमी की तसवीर पर बिंदी व लिपस्टिक लगा कर बोर्ड पर चिपका दें.

16    प्रेमी के नाम पर एक आपत्तिजनक सीडी उस के प्रिंसिपल या बौस तक पहुंचा दें. खरीखोटी तो वह सुनेगा ही उस की नौकरी पर भी तलवार लटकने लगेगी.

17    आप एक गुप्त पत्र प्रिंसिपल के नाम लिख कर उस में प्रेमी की करतूतों का बखान कर सकती हैं.

18    किसी बच्चे को कहें कि उस की गर्लफ्रैंड के आगे उसे पापा कह कर बुलाए. बच्चे की इस हरकत से उस की नई गर्लफ्रैंड के अंदर शक के बीज अंकुरित हो जाएंगे.

19    प्रेमी की डैस्क पर गर्भनिरोधक गोलियां और कंडोम के डब्बे डाल दें. उस के साथ जब ये अश्लील सामग्री उस की डैस्क पर देखेगी तो सब उसे संदेह की नजरों से देखने लगेंगे.

20    अगर एक ही औफिस में साथ काम करते हों तो धोखेबाज प्रेमी को मजा चखाने के लिए उस की सीट पर फैवीक्विक डाल दें. जब फैवीक्विक अपना कमाल दिखाएगा तो लोग उस पर हंसेंगे.

21    अपनी पहचान गुप्त रख कर टैलीविजन पर प्रेमी के नाम पर लापता का विज्ञापन चलवा दें. उस विज्ञापन में प्रेमी को घर से भागा हुआ बताएं और उसी की नई गर्लफ्रैंड का नंबर दे दें.

22    यही काम अखबार में भी पहचान गुप्त रख कर करवाया जा सकता है. प्रेमी के फोटो के साथ विज्ञापन छपवाएं और विज्ञापन में उसे चोर घोषित करते हुए उस के नाम पर इनाम की घोषणा कर दें. विज्ञापन में नंबर उस की नई गर्लफ्रैंड का और पता उस के घर का दे दें. आप अपने प्रेमी का नंबर भी विज्ञापन में दे सकती हैं.

23    अगर आप दोनों एक ही पार्टी में मौजूद हैं तो अपने प्रेमी के कपड़ों पर कुछ गिरा दें. कोशिश करें कि ऐसी जगह गिरे जहां वह देख भी न सके और लोग उस का मजाक बनाएं. वैसे मौका मिले तो उस के कपड़ों पर ’मैं बेवफा हूं’ लिखा कागज चिपका दें. ऐसा करने पर वह पार्टी में आकर्षण का केंद्र बन जाएगा.

24    इंटरनैट पर ऊटपटांग साइटों पर उस के नाम और मोबाइल नंबर को रजिस्टर कर दें. जब उस के फोन पर अनचाहे मैसेज और कौल्स आएंगी तो वह परेशान हो जाएगा.

25    एक ही औफिस में काम करते हों तो उस के कंप्यूटर से सारा डेटा डिलीट कर दें या फिर उस की प्रैजैंटेशन सीडी को फिल्म की सीडी से बदल दें.

26    कालेज की दीवारों पर जगहजगह अश्लील मैसेज लिखें और मैसेज के नीचे अपने बौयफ्रैंड का नंबर लिख दें.

27    आप अपने बौयफ्रैंड को सोशल नैटवर्किंग साइट पर भी बदनाम कर सकती हैं. अपने सभी फ्रैंड्स को बौयफ्रैंड की आईडी के साथ एक मैसेज भेजें, जिस में आप अपनी आपबीती उन से शेयर कर सकती हैं.

28    उस की कार या बाइक का टायर पंक्चर कर दें.

29    अपनी पहचान गुप्त रखते हुए पुलिस में उस के खिलाफ धोखाधड़ी और नशीले पदार्थों का सेवन करने की शिकायत दर्ज करा दें.

30    फोटोशौप पर प्रेमी की तसवीर बिगाड़ कर सभी दोस्तों को फर्जी ईमेल आईडी से मेल कर दें. हो सके तो उस की पोलपट्टी भी उस मेल में खोल दें.

क्यों देते हैं युवक धोखा

’धोखा देना युवकों की फितरत होती है,’ यह कहना गलत होगा. सचाई तो यह है कि युवक हमेशा रिश्तों में भटकाव की समस्या से ग्रसित होते हैं और बात जब सही युवती के चुनाव की होती है, तो यह समस्या और भी प्रबल हो जाती है. डा. शिल्पी आस्ता का मानना है, ’’युवकों को रिश्तों में हमेशा नएपन की तलाश रहती है. वे किसी भी तरह के दोहराव से बहुत जल्दी ऊब जाते हैं. युवतियों का रिश्तों को ले कर अति उतावलापन भी युवकों को रास नहीं आता. बारबार युवकों पर शादी के लिए दबाव बनाना या उन की तुलना किसी दूसरे से करना भी युवकों के मन में अलगाव की भावना पैदा करता है.’’              

इन फिल्मों को जरूर देखें

– ’लव का द ऐंड’ युवक को सबक सिखाने के लिए युवती उस के ड्रिंक में कुछ ऐसा पदार्थ मिला देती है, जिस से वह अपना दिमागी संतुलन खो बैठता है.

– ’प्यार तो होना ही था’ इस फिल्म में युवक से बदला लेने के लिए युवती एक युवक को हायर कर उस से प्यार का नाटक करती है.

– ’तेरी मेरी कहानी’ फिल्म में हीरो से रिवैंज लेने के लिए उस की ऐक्स गर्लफ्रैंड उस के निजी वीडियोज सब को एमएमएस कर देती है.

– ’एक हसीना थी’ इस फिल्म में हीरो से बदला लेने के लिए हीरोइन उस से प्यार का नाटक करती है. बाद में उसे एक ऐसी जगह पर छोड़ देती है, जहां बहुत सारे चूहे होते हैं और हीरो उन से बचने के लिए कुछ नहीं कर पाता.

– ’अंजाम’ मूवी में हीरो से बदला लेने के लिए हीरोइन उस की नर्स बन जाती है और मौका मिलते ही उसे चट्टान से धक्का मार देती है.

अमेरिकी गणतंत्र के प्रकाश स्तंभ

सुपर पावर अमेरिका के प्रैजिडैंट को दुनिया का सब से शक्तिशाली व्यक्ति माना जाता है, लेकिन कुछ गिनेचुने प्रैजिडैंट ही दबंग थे. अमेरिकी कलाकार गटजन बोरग्लम ने साउथ डकोटा, अमेरिका के माउंट रश्मोर में देश के इतिहास के 4 दौरों के प्रणेताओं का स्मारक बनाया है, जिस में जौर्ज वाशिंगटन, जिन्होंने अमेरिकी गणतंत्र की नींव रखी. टौमस जैफरसन जो विश्व भर को प्रेरित करने वाले दस्तावेज तथा यूनाइटेड स्टेट्स की संवृद्धि के प्रतीक डेक्लरेशन औफ इंडिपैंडैंस के मुख्य रचियता थे.

दास प्रथा विरोधी अब्राहम लिंकन जिन्होंने सिविल वार जैसी अग्नि परीक्षा में  देश को बांधे रखा और 20वीं सदी में पदार्पण करते समय अमेरिका की तेज रफ्तार आर्थिक प्रगति का नेतृत्व करने वाले प्रैजिडैंट थियोडोर रूजवेल्ट जिन्होंने बड़ी कंपनियों केएकाधिकार पर अंकुश लगा कर कामकाजी आम आदमी के अधिकारों को सुनिश्चित बनाया.

1927 से शुरू हुए इस स्मारक के निर्माण में 14 वर्ष लगे और इस पर लगभग एक मिलियन डौलर लागत आई. 4 अमेरिकी प्रैजिडैंट्स की विशाल मुखाकृतियों की अद्भुत नक्काशी में 400 कारीगरों ने काम किया. हर चेहरा 60 फुट यानी पांचमंजिला इमारत जितना ऊंचा है. आंखें 11 फुट और मुख लगभग 18 फुट चौड़े हैं. 3 नाक 20 फुट लंबी हैं और जौर्ज वाशिंगटन की नाक 21 फुट लंबी है.

यह तो समय ही बताएगा कि देश के 45वें प्रैजिडैंट डौनल्ड जौन ट्रंप इतिहास के पन्नों पर कैसी मुहर लगाएंगे, लेकिन उन की एक खासीयत चौंकाने वाली है. उन का दावा है कि वे अलकोहल, सिगरेट, ड्रग्स और यहां तक कि कौफी तक से परहेज करते हैं तथा अपनी संतान को भी उन्होंने यही सिखाया है. यह वास्तव में एक सराहनीय कदम है.

ट्रंप को सीक्रेट सर्विस ने कोड नेम दिया है, ‘मोगल.’ बचपन से शरारती डौनल्ड ट्रंप को न्यूयौर्क मिलिटरी एकैडमी में भरती किया गया था. वे ब्यूटी कौंटैस्ट्स के शौकीन रहे और उन की बीवियां भी ब्यूटी क्वीन थीं. पूर्व कम्युनिस्ट देशों में जन्मी पहली और तीसरी बीवी नैचुरलाइज्ड अमेरिकन सिटिजन बन गई. मीडिया के साथ ट्रंप के संबंध कड़वे हैं, वे खुले तौर पर उन की भर्त्सना करते हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपतियों के बारे में कुछ रोचक तथ्य :

राजधानी वाशिंगटन में हर 4 साल बाद 20 जनवरी को नवनिर्वाचित प्रैजिडैंट अपने पद की शपथ लेते हैं. उन दिनों वहां कड़ाके की सर्दी पड़ती है. शपथग्रहण के बाद प्रैजिडैंट का उद्घाटन भाषण होता है. 23वें प्रैजिडैंट बैंजामिन हैरिसन ने अपना भाषण भारी बारिश के दौरान दिया था.

27वें प्रैजिडैंट विलियम हावर्ड टैफ्ट को अपना भाषण अमेरिकी सीनेट चैंबर के भीतर देना पड़ा, क्योंकि तब वाशिंगटन बर्फानी तूफान की गिरफ्त में था. 40वें प्रमुख रोनल्ड रेगन के दूसरे शपथग्रहण समारोह के समय तापमान इतना नीचे गिर गया था कि पूरी कार्यवाही कैपिटौल बिल्ंिडग के भीतर संपन्न हुई.

ट्रंप के शपथग्रहण समारोह के मौके पर बारिश तो हुई, लेकिन थमथम कर. सारी कार्यवाही निर्विध्न संपन्न हुई. अधिकांश अमेरिकावासियों को अपने नवीनतम प्रैजिडैंट के भाषण में देश को एकजुट करने वाली भावना का अभाव महसूस हुआ, जिस से जनता के कुछ वर्गों में असंतोष है.

जौर्ज वाशिंगटन अमेरिका के प्रथम व एकमात्र निर्दलीय प्रैजिडैंट थे, जिन का 1789 में सर्वसम्मति से निर्वाचन हुआ. उन्होंने 25 हजार डौलर का सालाना वेतन लेने से इनकार कर दिया था. ब्रिटेन से आजादी दिलवाने में अमेरिकियों का नेतृत्व करने और अमेरिकी गणतंत्र की नींव रखने के लिए उन्हें राष्ट्रपिता का सम्मान दिया जाता है.

तत्कालीन राजधानी न्यूयौर्क में खुद अपने ही उद्घाटन समारोह में पहुंचने के लिए उन्हें एक पड़ोसी से 600 डौलर उधार लेने पड़े थे. 

इस के विपरीत 1841 में अमेरिका के 9वें राष्ट्रपति विलियम हैनरी हैरिसन द्वारा 8,578 शब्दों का उद्घाटन भाषण ढाई घंटे से भी लंबा चला. भयंकर ठंड में वे खुले आकाश के नीचे बिना कोट पहने खड़े रहे, जिस से उन्हें निमोनिया हो गया और उन की मृत्यु हो गई.

32 दिन का उन का कार्यकाल अमेरिकी इतिहास में सब से संक्षिप्त रहा. 1853 में शपथग्रहण समारोह से कुछ दिन पहले एक भयानक ट्रेन दुर्घटना में 14वें राष्ट्रपति फ्रैंकलिन पियर्स के 11 वर्षीय एकमात्र पुत्र की मृत्यु हो गई. शोकसंतप्त पिता बाइबल की जगह कानून की किताब पर हाथ रख कर अपने पद की शपथ ग्रहण कर सके. 3,319 शब्दों का अपना भाषण उन्होंने बिना किसी स्क्रिप्ट या नोट्स के दिया.

पदग्रहण के समय प्रैजिडैंट थियोडोर रूज़वेल्ट लगभग 43 वर्ष, जौन फिट्जजेरल्ड कैनेडी लगभग 44 वर्ष, हीरम यूलिसीज ग्रांट तथा विलियम जेफरसन क्लिंटन लगभग 47, ग्रोवर क्लीवलैंड और बराक हुसैन ओबामा लगभग 48 वर्ष के थे. पद की शपथ लेते समय 9वें राष्ट्रपति विलियम हैरिसन की उम्र 68 वर्ष से कुछ दिन ऊपर थी और रोनल्ड रेगन लगभग 70 वर्ष के थे. प्रैजिडैंट ट्रंप लगभग 71 वर्ष के हैं.

वर्तमान में अमेरिकी राष्ट्रपति कानूनन केवल 2 बार निर्वाचित हो सकते हैं. 32वें अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट 2 से अधिक बार चुनाव लड़े थे. द्वितीय विश्वयुद्ध में पैट्रोल और ईंधन की राशनिंग को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपने इनोग्रेशन डे की परेड रद्द कर दी थी.

अमेरिका के सर्वप्रथम अफ्रीकनअमेरिकन प्रैजिडैंट बराक ओबामा के प्रथम शपथग्रहण समारोह में तकरीबन 20 लाख दर्शक थे जोकि एक रिकौर्ड है.

शीर्ष यूनिवर्सिटी कोलंबिया और हारवर्ड के स्नातक ओबामा की मां अमेरिकी ऐंथ्रोपोलौजिस्ट थीं और पिता केन्या सरकार में हारवर्ड से डिगरी प्राप्त वरिष्ठ अर्थशास्त्री. स्वौहीली भाषा में बराक का अर्थ है, आशीष प्राप्त, सौभाग्यवान.

8वें प्रैजिडैंट मार्टिन वान ब्यूरेन अमेरिकी नागरिक थे, उन से पहले के प्रैजिडैंट की नागरिकता ब्रिटिश थी.

34वें प्रैजिडैंट डी आयजेन्हावर ‘आइक’ को, रिपब्लिकन और डैमोक्रैटिक दोनों पार्टियों की तरफ से 1948 में प्रैजिडैंट पद के लिए चुनाव लड़ने का निमंत्रण मिला था, लेकिन वे इस के लिए इच्छुक नहीं थे. 4 वर्ष बाद वे रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार बने और विजयी हुए. उन के शासन के दौरान अलास्का और हवाई राज्य अमेरिका में जुड़े, देश के राजमार्गों का अभूतपूर्व विकास हुआ और नासा जैसी स्पेस एजेंसी का गठन भी हुआ. वे प्रथम प्रैजिडैंट थे, जो पायलट थे.

39वें प्रैजिडैंट जेम्स अर्ल कार्टर मूंगफली की खेती करते थे. 17वें राष्ट्रपति ऐंड्रू जौनसन ने दर्जीगीरी की थी और वे अपने ही सिले सूट पहनते थे.

31वें प्रैजिडैंट हर्बर्ट हूवर अनाथ थे. जीवनयापन के लिए वे आलुओं से कीड़े निकाला करते थे. सौ कीड़े निकालने पर उन्हें एक डौलर मिलता था. उन्होंने खदानों में भी काम किया.

राष्ट्रपति बनने से पहले ग्रोवर क्लीवलंड शेरिफ थे और उन्हें 2 बार जल्लाद बनना पड़ा था.

38वें प्रैजिडैंट जेरल्ड फोर्ड ने कालेज के दिनों में मौडलिंग की थी. वे वन क्षेत्रपाल भी रहे.

 20वें प्रैजिडैंट जैम्स गौर्फील्ड एक हाथ से लैटिन और दूसरे हाथ से ग्रीक एकसाथ लिख सकते थे.

25वें प्रैजिडैंट विलियम हैरिसन ने चिकित्सा की पढ़ाई की थी.

अमेरिकी राष्ट्रपतियों पर जानलेवा हमले हुए और 4 अमेरिकी राष्ट्रपति अपने कार्यकाल के दौरान हत्या का शिकार हुए. 6 फुट 4 इंच के 16वें प्रैजिडैंट अब्राहम लिंकन सब से लंबे प्रैजिडैंट थे. लाइसैंसशुदा बार्टेंडर होने के अलावा वे शेक्सपियर के भी भक्त थे और सिविल वार के दौरान घोर मानसिक तनाव झेलने में दुखांत नाटक उन का सहारा बनते थे. उन का भावी हत्यारा जौन विल्क्स बूथ शैक्सपीरियन ऐक्टर था जिस का अभिनय लिंकन ने कई बार देखा.

बूथ दास प्रथा का समर्थक था और लिंकन को उस ने स्लेव प्रथा समाप्त करने के लिए मारा. 20वें प्रैजिडैंट जेम्स गार्फील्ड का हत्यारा मानसिक रूप से असंतुलित था. लगभग 20 वर्ष बाद एक अराजकतावादी द्वारा गोली मारने से 25वें प्रैजिडैंट विलियम मेकिन्ली की मृत्यु हुई.

प्रैजिडैंट कैनेडी की हत्या को एक षड्यंत्र बताया जाता है. प्रैजिडैंट रोनल्ड विल्सन रेगन पर भी जानलेवा हमला हुआ था, लेकिन तत्काल चिकित्सा उपलब्ध होने से उन की जान बच गई थी. कहा जाता है कि रेगन के हत्यारे की दिमागी हालत ठीक नहीं थी और उस ने अभिनेत्री जोडी फौस्टर पर इंप्रैशन डालने के लिए यह कोशिश की थी. 7वें प्रैजिडैंट एंड्रयू जैक्सन का हमलावर घरों का रंगरोगन करने वाला और अर्धविक्षिप्त था.

एक विक्षिप्त हमलावर ने ही राष्ट्रपति पद के दोबारा प्रत्याशी थियोडोर रूजवेल्ट पर भाषण देते समय गोली चलाई. सीने में गोली लगने के बावजूद रूजवेल्ट ने अपना भाषण पूरा किया.

18वें प्रैजिडैंट यूलिसिस ग्रांट दिन में कम से कम 20 सिगार पीते थे. उन की मृत्यु गले के कैंसर से हुई.

3 प्रैजिडैंट्स टौमस जेफरसन, जौन ऐडम्ज और जेम्ज मौनरो की मृत्यु 4 जुलाई को हुई जो अमेरिका का स्वाधीनता दिवस है. 4 जुलाई को जन्म लेने वाले प्रैजिडैंट कैल्विन कूलिज थे.

37वें प्रैजिडैंट रिचर्ड निक्सन को वाटरगेट स्कैंडल के फलस्वरूप इस्तीफा देना पड़ा था.

1998 में बिल क्लिंटन और 132 वर्ष पूर्व एंड्रयू जौनसन महाभियोग से बालबाल बचे थे.

29वें प्रैजिडैंट वारन हार्डिंग पर ताश के खेल पोकर का जनून सवार रहता था. एक बार उन्होंने व्हाइट हाउस की कीमती चाइना दांव पर लगा दी और हार गए.

10वें प्रैजिडैंट के सब से अधिक बच्चे थे, पहली पत्नी से 8 और दूसरी से 7 बच्चे थे.

चौथे जेम्स मैडिसन 5 फुट 4 इंच लंबे सब से छोटे राष्ट्रपति थे. उन का वजन 100 पाउंड से कम था. 325 पाउंड वजन वाले प्रैजिडैंट विलियम टैफ्ट सब से भारी राष्ट्रपति थे. अकसर वे बाथटब में फंस जाते थे और उन्हें निकालना पड़ता था.         

भविष्य के सुपरहिट रोजगार

दुनिया पिछले 20 साल में बहुत तेजी से बदली है और अगले 20 साल में यह और तेज रफ्तार से बदलेगी हर क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा, जिस से रोजगार की दुनिया का समूचा परिदृश्य भी बदलाबदला नजर आएगा. आज जो क्षेत्र अभी हलकीफुलकी चर्चाओं, उम्मीदों और अनुमानों में हैं, अगले 10 साल में वे अपनी जगह बना लेंगे और 20 साल बाद ये रोजगार के नए क्षेत्र दुनिया की धुरी होंगे. इसलिए अगर आप कैरियर की शुरुआत करने जा रहे हैं तो आने वाले दिनों में होने वाले आमूलचूल बदलाव को ध्यान में रख कैरियर की ऐसी राह चुनें जो भविष्योन्मुखी हो. यहां हम ऐसे ही कुछ क्षेत्रों के बारे में बता रहे हैं, जो इस प्रकार हैं :

फोटोनिक्स : रोशन हो जाएं राहें

यह कोर्स बेहद भविष्योन्मुखी है. आने वाले समय में कैरियर की अपरिमित संभावनाएं इस पाठ्यक्रम से जुड़ी हुई हैं. देशविदेश में इस की बड़ी मांग है. फोटोनिक्स का क्षेत्र मूलत: उन लोगों के लिए है जिन की विज्ञान में रुचि है और उन्हें भौतिक विज्ञान बहुत भाता है. फोटोनिक्स का अध्ययन प्रकाश के मूल कण फोटोन से संबंधित है. औप्टिकल टैक्नोलौजी यानी प्रकाश संबंधी विज्ञान और तकनीक तथा इलैक्ट्रौनिक्स का यह सुमेल है. यह कोर्स आप को प्रकाश के उत्सर्जन, प्रसारण, उस की पहचान तथा बदलाव की तकनीक में  दक्ष बनाता है.

फोटोनिक्स सरकारी या निजी कंपनियों में फोटोनिक इंजीनियर के रूप में काम करते हैं पर ये वैज्ञानिक, शोधार्थी तथा पेशेवर के तौर पर भी काम कर सकते हैं. इन का काम अधिकतर फोटोनिक उपकरणों, उत्पादों की डिजाइन, निर्माण या उन की जांच वगैरा करना होता है. इस क्षेत्र में विशेषज्ञों की भारी कमी है इसलिए फोटोनिक्स के विशेषज्ञों की मांग वैश्विक तौर पर बहुत ज्यादा है.

देश के कई कालेज और विश्वविद्यालय फोटोनिक्स का कोर्स करवाते हैं. इंटरनैशनल स्कूल औफ फोटोनिक्स, कोचीन, यूनिवर्सिटी औफ साइंस ऐंड टैक्नोलौजी (सीयूएसएटी) कोचीन, आईआईटी नई दिल्ली और चेन्नई, मणिपाल इंस्टिट्यूट औफ टैक्नोलौजी, राजर्षि शाहू महाविद्यालय, लातूर का फोटोनिक्स विभाग और सैंट्रल इलैक्ट्रौनिक्स इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (सीरी), पिलानी से यह कोर्स किया जा सकता है.

अल्टरनेटिव ऐनर्जी : ऊर्जा से भरपूर कैरियर

पैट्रोल और डीजल का इस्तेमाल अगले कुछ बरसों में खत्म होने वाला है, ऐसा नहीं है पर जिस तरह जीवाश्म ईंधन का विरोध बढ़ता जा रहा है और उस से पैदा होने वाला प्रदूषण सारे संसार की नाक में दम कर रहा है. हर तरफ से इसे कम से कम प्रयोग करने और साफसुथरी व क्लीन ऐनर्जी अपनाने की बात चल रही है उस से लगता है कि इस का भविष्य असीमित होने जा रहा है और उसी अनुपात में वैकल्पिक ऊर्जा का क्षेत्र विस्तारित होने को है. हाइड्रोजन पावर, सौर ऊर्जा, जियो थर्मल पावर, पवन ऊर्जा, विभिन्न तरह के सैल और बैटरियां ऊर्जा के नए स्रोत होंगे. ऐसे में इस क्षेत्र में बहुत सारी नौकरियां और बहुत से पद सृजित होने वाले हैं.

इस क्षेत्र में आने वाले दिनों में न सिर्फ इंजीनियरों की बल्कि मैकेनिक्स, मैनेजर, सेल्स और मार्केटिंग पेशेवरों की भी बहुत बड़ी संख्या में जरूरत पड़ेगी. जो विज्ञान वर्ग के छात्र हैं और जिन को लगता है किउन का दिमाग कुछ वैज्ञानिक तरीके से सोचता है, शोध में रुचि है, पर्यावरण और पृथ्वी से लगाव है, भविष्य के बारे में सरोकार और चिंता रखते हैं, वे इस क्षेत्र के बेहतर उम्मीदवार हो सकते हैं. वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में डिग्री ले सकते हैं, ग्रीन और सस्टेनेबल ऐनर्जी में मास्टर डिग्री प्राप्त कर सकते हैं. देश के कई तकनीकी विश्वविद्यालय और दूसरे संस्थान वैकल्पिक ऊर्जा में बीटैक और एमटैक की डिग्री दे रहे हैं. एमिटी इंस्टिट्यूट औफ रीन्यूबल ऐंड अल्टरनेटिव ऐनर्जी, गुजरात इंस्टिट्यूट औफ सोलर ऐनर्जी, टेरी यूनिवर्सिटी दिल्ली के अलावा भी दर्जनों प्रतिष्ठित संस्थान इस की पढ़ाई करा रहे हैं.

फ्लेवर कैमिस्ट: इस काम का स्वाद है नया

अगर आप की रुचि बहुत परिष्कृत है. आप को बढि़या स्वादिष्ठ भोजन भाता है. हमेशा नए स्वाद और खुशबू की खोज में रहते हैं, उन से वास्ता रखते हैं तो अपनी रुचि को बढ़ाइए और फ्लेवर कैमिस्ट के रोचक क्षेत्र में उतरिए. एक खास कोर्स जो आप को स्वाद, रसायनों, प्राकृतिक और कृत्रिम रसायनों की गंध और स्वाद के बारे में बताता है. इस क्षेत्र में जबरदस्त उछाल है, देश में ही नहीं विदेशों में भी फ्लेवर कैमिस्ट की खासी मांग देखी जा रही है और माना जा रहा है कि खानपान के क्षेत्र में अच्छी संभावना है. साथ ही कृत्रिम स्वादों और सुगंध का अभी देश में बहुत स्कोप है. इसलिए इस क्षेत्र में प्रवेश लेने वालों के लिए काम मिलने और बढि़या कमाई के लिए कहीं कोई समस्या नहीं है.

नई सुगंध और स्वाद को रचना, उन्हें पहचानना, उन का रासायनिक विकल्प तैयार करना और विश्लेषण करना फ्लेवर कैमिस्ट का काम है. फ्लेवर कैमिस्ट की जरूरत फूड ऐंड बीवरेज इंडस्ट्री से ले कर कौस्मैटिक्स और मैडिसिन तक बहुत से अखा- उपभोक्ता उत्पादों के निर्माण तक हर जगह है. यह क्षेत्र उन के लिए खास है जिन की रसायनशास्त्र में गहरी रुचि ही नहीं बल्कि उन का अकादमिक और प्रायोगिक ज्ञान भी शानदार है. जिन्होंने बायोटिक या फूड टैक में डिग्री ले रखी हो और यह विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हों उन के लिए इंडियन इंस्टिट्यूट औफ हौस्पिटैलिटी ऐंड मैनेजमैंट, मुंबई एसआरएम यूनिवर्सिटी का डिपार्टमैंट औफ फूड प्रोसैस इंजीनियरिंग, गाजियाबाद, सैंट्रल फूड टैक्नोलौजिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट मैसूर, फ्रेग्नैंस ऐंड फ्लेवर डिपार्टमैंट भारत सरकार के कन्नौज स्थित संस्थान में यह कोर्स उपलब्ध है.

एथिकल हैकर : साइबर संसार के सुपर हीरो बनें

देश को तकरीबन 5 लाख साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ चाहिए. इन में से 70 हजार से ज्यादा एथिकल हैकर्स की आवश्यकता है. यदि आप की इस क्षेत्र में रुचि है, आप को कंप्यूटर से प्यार है और कभीकभी अपने मित्रों की सोशल साइट हैक करने या फिर उन का इंटरनैट पासवर्ड तोड़ देने या बंद सिस्टम को खोल देने, कार्यक्रमों के क्रैक का पता करने से जूझने, तरहतरह के कोड या कूट संदेश संकेतों से खेलने में आप को मजा आता है, इस से आप को थकान के बजाय खुशी मिलती है तो यह क्षेत्र आप के लिए खास है. आजकल बहुत सी कंपनियां कई सुरक्षा कारणों से अपने लिए एथिकल हैकर रखती हैं. इन की तनख्वाह शुरुआत से ही बढि़या होती है. आप किसी संस्था, कंपनी में इंटर्न के तौर पर प्रवेश ले प्रशिक्षु बन शीघ्र ही बड़े ओहदे पर पहुंच सकते हैं. यहां प्रगति की गति तीव्र है. वेतन शानदार है बस, योग्यता और कुशलता होनी चाहिए. इस के लिए जो सब से जरूरी शर्त है वह यह कि आप का कोई आपराधिक रिकौर्ड नहीं होना चाहिए.

आखिर जो कंपनी अपने सारे राज आप के सामने उजागर करेगी उसे आप पर पूरा भरोसा तो होना ही चाहिए. हां, इस के लिए आप को तेज दिमाग के साथसाथ कई तरह की कंप्यूटरी कार्यक्रम भाषाओं पर पूरी पकड़ होनी चाहिए और टास्क अथवा समस्या से जूझने के लिए पर्याप्त धैर्य भी. इंडियन स्कूल औफ एथिकल हैकिंग, इंस्टिट्यूट औफ इन्फौर्मेशन सिक्योरिटी कोलकाता, एथिकल हैकिंग से संबंधित कोर्स कराती हैं. पुणे की एरिजोइन इंफोटैक एथिकल हैकिंग से संबंधित कोर्स कराती है. पुणे की एरिजाइन इंफोटैक उन लोगों को 15 दिन का शौर्ट टर्म कोर्स भी कराती है जो इस विधा में पारंगत तो नहीं हैं, पर इसे जानते और सक्रिय हैं. बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई ही नहीं दिल्ली और लखनऊ जैसे तमाम शहरों में इस के कोर्स उपलब्ध हैं.

कंटैंट क्रिएशन : रचनात्मकता की राह

बिजनैस राइटर, कंटैंट क्रिएटर की मांग जबरदस्त जोर पकड़ चुकी है और इस की मांग भविष्य में और तेज होने वाली है. बाजार बढ़ता ही जा रहा है और संचार तथा संवाद के साधन भी. यहां बात महज माल बेचने या उत्पाद के प्रचार भर के परंपरागत तौरतरीके की नहीं है. जब रणनीति बदल चुकी है. कंपनियां हों, संस्थाएं हों, उत्पाद हों या फिर कोई सेवा,वे अपने बारे में एक विशेष धारणा स्थापित करना चाहती हैं. एक बार धारणा बन गई तो विश्वसनीयता और बिक्री दोनों बढ़ जाएंगी. धारणा बनाने के लिए वे लोगों तक विभिन्न माध्यमों की सामग्री परोस कर दर्शकों और पाठकों को शिक्षित कर रहे हैं. वैबसाइट आर्टिकल, व्हाइट पेपर, स्पैशल रिपोर्ट, स्लाइड शो, ब्लौग, न्यूजलैटर जैसे बीसियों इस के माध्यम हैं. ये सब कंटैंट क्रिएशन के दायरे में आते हैं.

फिलहाल कंटैंट क्रिएटर की कोई डिग्री सामान्यतया देशी संस्थानों में उपलब्ध नहीं है, लेकिन औनलाइन इस के बारे में पढ़ा जा सकता है. ऐसे में जिन लोगों की भाषा पर पकड़ है. लेखन बहुरंगी है, संवाद व संचार को बखूबी समझते हैं, कम्युनिकेशन स्किल बढि़या है, जो बेहद क्रिएटिव और हमेशा कुछ नया रचने की सोचते हैं, उन के लिए इस क्षेत्र में सीधे कंटैंट किएटर की डिग्री होना अनिवार्य नहीं. किसी भी क्षेत्र की डिग्री, मास्टर डिग्री और साथ में क्रिएटिव राइटिंग या कम्युनिकेशन की डिग्री होनी चाहिए. शर्त यह है कि उन में जनसंचार विधाओं के लिए लेखन की क्षमता हो, वे स्वप्रेरित, स्वस्फूर्त तथा स्वानुशासित हों और डैडलाइन यानी हर हाल में समय पर काम पूरा करने की क्षमता और आदत का जज्बा रखते हों.

रूरल स्टडीज : कामकाज का हराभरा विकल्प

नौकरी या बेहतर कैरियर के लिए लोग गांव से शहर आते हैं, पर बेहतर कैरियर के लिए गांव की तरफ देखने का अवसर अब आया है. सरकारें और बाजार अब गांव पर अलगअलग कारणों से ध्यान दे रही हैं. गांवों में बहुत सी संभावनाएं उन्हें दिख रही हैं. ऐसे में कैरियर के क्षेत्र में गांव को चुनना एक सूझबूझ भरा फैसला हो सकता है. गांव से आप का नाता महज टीवी या फिल्मों में उसे देखने भर का है या कभीकभार आप ने गांव देखा है और महसूस किया है, गांव के बारे में आप थोड़ाबहुत जानते हैं तो यह क्षेत्र आप के लिए बेहतर संभावनाओं वाला है. यह कोर्स ग्रामीण समुदाय के विकास से जुड़ने का आप को मौका देगा. पशुपालन, वानिकी, कृषि प्रबंधन अथवा फौर्म मैनेजमैंट, पर्यावरण प्रबंधन, कृषि, सामुदायिक और शिशु विकास जैसे बेहद अनूठे अनुभव और नई तरह की चुनौतियों से यह क्षेत्र आप को रूबरू कराने वाला है.

इस कोर्स को करने के बाद आप न केवल सरकारी बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र के साथसाथ निजी संस्थाओं में भी काम का अवसर पा सकते हैं बल्कि स्वयंसेवी संगठनों यानी एनजीओ में भी आप को काम के बेहतर मौके मिल सकते हैं. गुजरात की भावनगर यूनिवर्सिटी रूरल स्टडी में बैचलर और मास्टर डिग्री देती है. गुजरात के दर्जनभर प्रतिष्ठित कालेज और भी हैं जो इस तरह के कोर्स कराते हैं पर यह महज इसी प्रदेश तक सीमित हो ऐसा नहीं है. राजस्थान, मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश के बहुत से विश्वविद्यालय यह कोर्स कराते हैं.

सनकी ‘मोबाइल चिपकू’

उस समय रात के 8 बज रहे थे. विनोद तुरंत अपने जीजा ओमप्रकाश के घर पहुंचा. घर का दरवाजा अंदर से बंद था. काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद अंदर से कोई आवाज नहीं आई. विनोद जोरजोर से दरवाजा पीटने लगा, तो भीतर से ओमप्रकाश की आवाज आई. विनोद ने जब अपनी बहन नीतू के बारे में पूछा, तो उस ने दरवाजा खोले बगैर ही कह दिया कि वह काफी देर पहले घर से निकल चुकी है.विनोद उस की बात मानने को तैयार नहीं था. उस ने जब दरवाजे पर धक्का मारना शुरू किया, तो ओमप्रकाश ने अंदर से कहा, ‘‘कुछ देर ठहरो, मैं कपड़े पहन कर बाहर निकलता हूं.’’

5 मिनट बाद घर के पिछले हिस्से में किसी के कूदने की आवाज सुनाई पड़ी, तो विनोद के कान खड़े हो गए. उस ने दोबारा दरवाजा खटखटाया, तो कोई आवाज नहीं आई. उस के बाद विनोद घर के पिछले हिस्से में गया और दीवार फांद कर घर के अंदर कूद गया. अंदर जाने पर देखा कि दोनों कमरों के दरवाजे पर भी ताले लटके हुए थे. उस ने फिर दरवाजा खटखटाया, पर अंदर से कोई आवाज नहीं आई. उस ने एक कमरे के दरवाजे का ताला तोड़ा, तो देखा कि उस के दोनों मासूम भांजे जमीन पर ही पड़े हुए थे. उन्हें जगाने की कोशिश की गई, तो उन के जिस्म में कोई हलचल नहीं हुई.

दूसरे कमरे का ताला तोड़ा गया, तो वहां सुमन और नीतू बेसुध पड़ी हुई थीं. नीतू के मुंह से काफी झाग निकला हुआ था. अपनी दोनों बहनों और भांजों की ऐसी हालत देख विनोद रोने लगा और उस ने गांव के मुखिया को सूचना दी. मुखिया के पति महेंद्र चौहान और पंचायत समिति के सदस्य बलिराम चौहान मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को खबर की. विनोद ने पुलिस को बताया कि जब उस की छोटी बहन नीतू शाम तक घर नहीं पहुंची, तो उस ने अपने जीजा ओमप्रकाश को फोन पर ही सारा माजरा बताया.

ओमप्रकाश के बात करने के लहजे से लग रहा था कि वह काफी घबराया हुआ है. कुछ देर बाद उस का मोबाइल स्विच औफ बताने लगा. इस से विनोद के मन में तरहतरह की शंकाएं उठने लगीं और वह तुरंत ओमप्रकाश के घर पहुंच गया. झारखंड के धनबाद जिले के बरोरा थाने की प्योर बरोरा बस्ती में 19 फरवरी को बीसीसीएल में काम करने वाले मुलाजिम ओमप्रकाश चौहान ने अपनी बीवी, साली और 2 मासूम बच्चे को जहर दे कर मार डाला. चारों की लाशें घर में पड़ी मिलीं. 4 जानें लेने के बाद 35 साला ओमप्रकाश फरार हो गया. पुलिस ओमप्रकाश की खोज में इधरउधर हाथपैर मारती रही और 20 फरवरी को धनबाद के पास ही गोमो रेलवे स्टेशन के डाउन यार्ड की 5 नंबर लाइन पर ट्रेन के सामने आ कर उस ने अपनी जान दे दी.

ओमप्रकाश झारखंड के धनबाद जिले की बरोरा ब्लौक-2 कोलियरी में काम करता था.पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमप्रकाश की बीवी की मौत 17-18 फरवरी को ही हो चुकी थी. उसे जहर दे कर मारा गया था. सुमन, नीतू, पीयूष और हर्षित के पेट में जहर पाया गया. सभी के जिस्म में कोई भीतरी और बाहरी चोट नहीं पाई गई. ओमप्रकाश की बीवी का नाम सुमन उर्फ तेतरी (30 साल), साली का नाम नीतू (23 साल), बड़े बेटे का नाम पीयूष(12 साल) और छोटे बेटे का नाम हर्षित  (8 साल) था.

ओमप्रकाश की ससुराल फुसरो के ढोरी इलाके में है. उस की साली नीतू ढोरी में ही रह कर ब्यूटीशियन का कोर्स कर रही थी.

नीतू के भाई विनोद नोनिया और गुड्डन चौहान ने बताया कि नीतू रोज की तरह 19 फरवरी को ब्यूटीशियन की क्लास करने के लिए घर से निकली थी. शाम को जब वह घर नहीं लौटी, तो घर वालों को चिंता सताने लगी. उन्होंने नीतू की सहेली से उस के बारे में पूछा, तो सहेली ने बताया कि आज नीतू क्लास में नहीं गई थी. उस के बाद नीतू की खोज शुरू हुई. विनोद ने अपने जीजा ओमप्रकाश को फोन कर के बताया कि नीतू घर से गायब है. ओमप्रकाश ने बताया कि नीतू उस के घर आई थी और शाम को कुछ सामान लेने के लिए बाजार की ओर गई है. उस के बाद वह घर पहुंच जाएगी.

ओमप्रकाश ने अपने सुसाइड नोट में अपनी साली को बहन की तरह बताया है, लेकिन उस के दोस्तों ने पुलिस को बताया है कि ओमप्रकाश और उस की साली के बीच नाजायज रिश्ता था और दोनों मोबाइल फोन पर घंटों बातें किया करते थे.

ओमप्रकाश के साथ काम करने वाले मजदूरों ने पुलिस को बताया है कि डंपर औपरेटर ओमप्रकाश अकसर उन के साथ बातचीत के दौरान साली से प्रेम संबंध होने की बात किया करता था. काम के दौरान भी वह घंटों अपनी साली के साथ फोन पर बातें करता रहता था. इस वजह से सभी साथी उसे मजाक में ‘मोबाइल चिपकू’ के नाम से पुकारने लगे थे.

ओमप्रकाश को उस की मां सोनवा कामिन की जगह बीसीसीएल में नौकरी मिली थी. साल 2000 में सोनवा की मौत हो गई थी. उस ने सब से पहले फुलेरीटांड कोलियरी में ड्यूटी जौइन की थी और फिलहाल वह ब्लौक-2 में डंपर औपरेटर था.उस के दफ्तर के हाजिरी बाबू अभय पांडे ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि ओमप्रकाश पिछले 2-3 महीने से गैरहाजिर था. वह काफी सनकी आदमी था और बातबात पर तैश में आ जाता था. उस ने कभी भी अपनी ड्यूटी सही तरीके से नहीं की. अकसर वह पहाड़ी पर बैठ कर अपने स्मार्टफोन में मसरूफ रहा करता था. अफसरों ने उसे कई बार काम से निकालने की धमकी भी दी, लेकिन उस पर कोई असर नहीं होता था.

ओमप्रकाश और सुमन की शादी साल 2003 में हुई थी. ओमप्रकाश का पैतृक घर बिहार के औरंगाबाद जिले के रफीगंज के कसमा थाने के तहत पड़ने वाले भटुकीकलां गांव में है.

ओमप्रकाश के भाई जयराम कुमार ने बताया कि 11 फरवरी को ओमप्रकाश गांव गया था. उस ने बताया कि उस का भाई अपनी साली से अकसर बातें किया करता था. 19 फरवरी की सुबह को भी ओमप्रकाश ने जयराम से बातें की थीं, लेकिन साली के साथ उस का कोई गलत रिश्ता था, इस की भनक किसी को नहीं लगी थी.

नीतू के भाई विनोद ने बरोरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिस में कहा है कि ओमप्रकाश के साथ नीतू के किसी तरह के गलत संबंध होने की जानकारी किसी को नहीं थी.

बरोरा थाने के थानेदार प्रवीण कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि ओमप्रकाश पिछले कुछ महीनों से काफी तनाव में था. वह लोगों से मिलता भी नहीं था. काम से लौट कर वह अपने घर में ही कैद हो जाता था.        

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