बिहार में भाजपा को पटखनी देने के बाद नेशनल लेवल पर भाजपा को तगड़ी चुनौती देने और नया राजनीतिक विकल्प तैयार करने के मकसद से नीतीश कुमार ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान तो संभल ली है, पर इस कवायद में उन्होंने नैतिकता को ताक पर रख दिया है. वहीं भाजपा की तर्ज पर आडवाणी, जोशी जैसे बुजुर्ग नेताओं की तरह नीतीश ने शरद यादव को भी ‘मार्गदर्शक’ बना कर साइड लगा दिया है.

COMMENT