राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी लालू यादव और रामविलास पासवान के दुलारे बिहार की राजनीति की नई उमर की नई फसल हैं. राजद सुप्रीमो लालू के बेटे तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव एवं मीसा भारती अपने पिता की ‘लालटेन’ (राजद का चुनाव चिन्ह) की रोशनी बढ़ाने में लग गए हैं, वहीं लोजपा प्रमुख रामविलास के लाडले चिराग पासवान अपने पिता की ‘झोपड़ी’ (लोजपा का चुनाव चिन्ह) को जगमग कर रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि लालू और पासवान के बेटों का पहला शौक राजनीति नहीं रही है. पिता की राजनीतिक विरासत थामने से पहले बेटों ने अपनी अलग राह बनाने की पूरी कोशिश की पर उन्हें कामयाबी नहीं मिल सकी. उसके बाद ही बेटों ने सबसे आसान और भरोसेमंद रास्ता चुना एवं सियासत के मैदान में पिता के द्वारा बिछाए गए मखमली कारपेट पर उतर पड़े. खास बात यह है कि अपने पिता के ठेठ गवंई अंदाज से इतर बेटों ने अपना अलग अंदाज गढ़ते हुए पार्टी को नए सिरे से एकजुट करते रहे हैं और लालू और पासवान का पारंपरिक वोटर भी उन्हें सिर-आंखों पर बिठा चुका है.

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