नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के भाषणों और वक्तव्यों में न तो नयापन है और न ही देश के विकास की ठोस योजना. जनता को बरगलाने के खोखले दावों की पोटली जरूर है. प्रधानमंत्री पद के संभावित उम्मीदवार माने जा रहे इन दोनों दिग्गजों की शख्सीयत का विश्लेषण कर रहे हैं जगदीश पंवार.

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