आम लोगों ने सरकार को क्लीन चिट यह कहते हुये दे दी है कि अगर यह असली एनकाउंटर था तो पुलिस को सौ और अगर फर्जी था तो दो सौ सेल्यूट, क्योंकि आतंकवादी तो असली थे. भोपाल की सेंट्रल जेल से दिवाली की देर रात कोई 2-3 बजे सिमी के 8 कैदी फिल्मी स्टाइल में फरार हुये थे और जाते जाते एक हवलदार रमाशंकर यादव की हत्या कर गए थे. इसके बाद बड़े नाटकीय तरीके से पुलिस वालों ने महज 8 घंटे बाद आठों संदिग्ध कैदियों या आतंकियों को इंटखेड़ी गांव मे हुई मुठभेड़ में मार गिराया.

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