कहते हैं दोस्ती करना आसान है पर इसे निभाना मुश्किल, क्योंकि इस में पड़ी दरार के दूरगामी परिणाम भी लक्षित होते हैं. हाल ही में महाराष्ट्र की राजनीति में भाजपा और शिवसेना के बीच दोस्ती के बदलते समीकरण ने भाजपा के हाथों से सत्ता की कुरसी परे सरका दी. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और एनसीपी के साथ शिवसेना के मैत्री गठबंधन ने उद्धव ठाकरे के सिर पर सत्ता का ताज सुशोभित कर दिया.

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