बोलना हर किसी को बहुत पसन्द होता है यही नहीं कुछ लोग तो इतना बोलते हैं कि वे अपने आगे किसी दूसरे को बोलने का मौका तक नहीं देते. इसका साक्षात उदाहरण है महिलाओं की किटी पार्टी जिसमें मानो एक दूसरे से बढ़चढ़ कर बोलने की प्रतिद्वंदिता ही लगी रहती है. परंतु वास्तव में अक्सर अधिक बोलने की आदत होने के कारण हम अपना ही नुकसान कर बैठते हैं तो देखते हैं कि अधिक बोलने के क्या नुकसान हैं

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