सहजन की फली को  आम भाषा में मुनगा, मोरिंगा और ड्रम स्टिक के नाम से भी जाना जाता है. लंबे आकार और हरे रंग की धारियों वाली यह फली सुगमता से हर जगह उपलब्ध होने वाली सब्जी है. विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, फोलिक एसिड, मैग्नीशियम, पोटेशियम और मिनरल्स से भरपूर होने के कारण इसे आयुर्वेद में सुपर फ़ूड के नाम से जाना जाता है. भोजन के अलावा इसका उपयोग ईंधन, पशुचारा, उर्वरक और सौंदर्य प्रसाधनों में किया जाता है. न केवल इसकी फलियां बल्कि इसकी छाल, जड़, फूल और पत्तियां भी उपयोगी होती हैं. आमतौर पर इसकी फलियों को हल्का सा छीलकर छोटे छोटे टुकड़ों में काटकर दाल, साम्भर में डालकर अथवा आलू के साथ ग्रेवी वाली सब्जी के रूप में पकाया जाता है.

चूंकि इसे चूसकर खाना पड़ता है इसलिए अधिकांश लोग इसे खाने से परहेज करते हैं पर हम आपको इसे खाने के कुछ ऐसे उपाय बताते हैं जिन्हें अपनाकर आप इसे बहुत आसानी से अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं-

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-सहजन की फलियों को बीच से लंबाई में काटकर दो भागों में बांट लें, अब एक चाकू की सहायता से इसके गूदे को अलग कर लें. गूदे को छोटे छोटे टुकड़ों में काटकर एक ढक्क्नदार डिब्बे में रखकर फ्रीजर में रखकर प्रिजर्व कर लें और  आवश्यकतानुसार प्रयोग करें.

-फलियों के गूदे को निकालकर धूप में सुखाएं और मिक्सी में पीसकर पाउडर बना लें. तैयार पाउडर को  एयरटाइट जार में भरकर रखें और दाल,सब्जी, साम्भर और आटे में डालकर प्रयोग करें .
-गूदे को न केवल सब्जी और दाल बल्कि हलवा और लड्डू आदि मिठाइयों में भी घी में भूनकर प्रयोग किया जा सकता है.

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