35 साल की पत्रकार और वकील अलका धूपकर जब सातवीं कक्षा में थी तब उसे सोराइसिस हुआ, लेकिन वह महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाके में रहने की वजह से इस बीमारी का पता उसे देर से लगा.एक लड़की होकर सोराइसिस के साथ जीने का सामाजिक दबाव उसने झेला है. उसे लगातार सुनने पड़े कि उसकी शादी कैसे होगी? लेकिन उसकी इस मुश्किल घड़ी में उसके परिवार वालों ने काफी सहयोग दिया इससे उसे आगे बढ़ने में मुश्किल नहीं हुई.

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