त्योहार ढेर सारी खुशियां और आनंद लाते हैं लेकिन कई स्वास्थ्य समस्याओं की आशंका को भी बढ़ा देते हैं. ऐसे में जरूरी है कि ‘एक दिन की लापरवाही से क्या फर्क पड़ता है’ वाला रवैया न अपनाएं और पहले से ही प्लानिंग कर लें ताकि आनंद और उल्लास का यह मौसम आप के लिए स्वास्थ्य समस्याओं का निमंत्रण न बने.

मीठा थोड़ा ही अच्छा

मीठा भोजन ठंडा और भारी होता है और यह कफ बढ़ाता है. ज्यादा मीठा खाने से थकान, भारीपन, भूख कम लगना, अपच जैसी समस्याएं होती हैं. शूगर हाइपरटैंशन बढ़ाती है, मस्तिष्क के संकेतों को दबाती है. मीठे भोजन से कोलैस्ट्रौल बढ़ता है. मिठाइयों को एकसाथ खाने से पेटदर्द, डायरिया, लूज मोशन जैसी समस्याएं शुरू होने की आशंका बढ़ जाती है. इसलिए, मिठाई थोड़ी मात्रा में ही खाएं. हमेशा स्वस्थ्य और पोषक खाद्य पदार्थों का विकल्प चुनें. मिठाइयों के बजाय सूखे मेवे, फल, फ्लेवर्ड दही को प्राथमिकता दें

तैलीय, मसालेदार भोजन से बचें

हमारे देश में मसालेदार भोजन खाने की परंपरा है और त्योहारों के समय तो यह और बढ़ जाती है. मसाले गरम होते हैं. ये शरीर का ताप बढ़ा देते हैं जिस से अनिद्रा की समस्या हो जाती है. अधिक मसालेदार और तीखा खाने से पेट की कई समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं. पेट की अंदरूनी सतह पर सूजन आ जाती है, एसिडिटी की समस्या हो जाती है. अधिक तैलीय व वसायुक्त भोजन करने से रक्तचाप और शूगर का स्तर बढ़ता है.

ऐक्सरसाइज न करें तो डांस करें

अगर आप के लिए ऐक्सरसाइज करना कठिन हो तो आप दिल खोल कर नाचें. इस से काफी मात्रा में कैलोरी जल जाएंगी. कई प्रकार की मिठाइयां और घी का सेवन करने के बावजूद स्वस्थ रहने के लिए यह सब से अच्छा वर्कआउट हो सकता है.

ओवरईटिंग न करें

इन दिनों कई लोगों का वजन 3-5 किलो तक बढ़ जाता है, इसलिए अपनी प्लेट पर नजर रखनी जरूरी है. लोग  बगैर सोचेसमझे सबकुछ खाते चले जाते हैं. हाई कैलोरी फूड अधिक मात्रा में खाने से हमारी पाचनक्रिया धीमी पड़ने लगती है और हम अधिक थकान महसूस करते हैं. त्योहारों के माहौल में ऐसे भोजन से दूर रहना तो संभव नहीं है, लेकिन इन का सेवन कम मात्रा में करें ताकि कैलोरी इनटैक को कंट्रोल में रखा जा सके.

मिलावटी चीजों से रहें सावधान

कई मिठाइयों में कृत्रिम रंगों का उपयोग  किया जाता है. इन से किडनी स्टोन और कैंसर हो सकता है. ऐसी मिठाई को खाने से उलटी, डायरिया की समस्या हो जाती है. कई दुकानदार लड्डू, पनीर, बर्फी और गुलाबजामुन बनाने में मेटानिल यलो, लेड नाइट्रेट और म्युरिएटिक एसिड का इस्तेमाल करते हैं. इन के सेवन से शारीरिक ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है. मिलावट से बचने के लिए मिठाइयों को घर पर ही बनाएं या किसी अच्छी दुकान से खरीदें.

डाइट प्लान का पालन करें

हैवी ब्रेकफास्ट करें, इस से आप का पेट अधिक समय तक भरा हुआ रहेगा. जो भी खाएं, फाइबर और पोषक तत्त्वों से भरपूर हो. दोपहर के खाने में प्रोटीन की मात्रा अधिक रखें. यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखेगा और आप भोजन कम मात्रा में खाएंगे. अपने फ्रिज और किचन में हैल्दी स्नैक्स, हरी पत्तेदार सब्जियां और फलों के विकल्प अधिक मात्रा में रखें. सफेद चीनी या कृत्रिम स्वीटनर के बजाय प्राकृतिक स्वीटनर जैसे खजूर, शहद या अंजीर का उपयोग  करें. आप गुड़ का इस्तेमाल भी कर सकती हैं.

भरपूर मात्रा में पानी पिएं

हर रोज भरपूर मात्रा में पानी पिएं. अपने दिन की शुरुआत पानी से करें. सुबह खाली पेट 1 लिटर पानी पिएं, इस से आप का पाचनतंत्र साफ रहेगा और आप के शरीर में जल का स्तर भी बना रहेगा. यह रक्त से विषैले पदार्थों को भी साफ कर देगा. एक दिन में कम से कम 3 लिटर पानी पिएं. जो लोग पार्टियों में जम कर ड्रिंक करते हैं, ध्यान रखें कि अल्कोहल के कारण डिहाइड्रैशन होता है. नियमित रूप से अधिक मात्रा में पानी का सेवन कर के शरीर से टौक्सिन को निकालने में सहायता करें. पानी शरीर में अल्कोहल के प्रभाव को भी कम करता है.

खरीदारी के लिए जाएं

खरीदारी करना आप के लिए उपयोगी हो सकता है. अपनी शौपिंग की योजना ऐसे बनाएं कि आप को अधिक से अधिक पैदल चलना पड़े. कोशिश करें कि अपनी कार का इस्तेमाल न करें. औनलाइन शौपिंग  करने के बजाय अगर आप मौल या लोकल मार्केट में घूमघूम कर शौपिंग  करेंगे तो आप अधिक मात्रा में कैलोरी खर्च करेंगे. यह आप के लिए फायदेमंद होगा.

डिटौक्सिफिकेशन तकनीक

मानव शरीर की रचना ऐसी होती है कि वह अपनेआप ही शरीर से हानिकारक रसायनों को निकाल देता है. लेकिन त्योहारों के मौसम में शरीर में टौक्सिंस की मात्रा ज्यादा बढ़ जाती है. अपने शरीर से टौक्सिंस को निकालने का प्रयास करें. चाय और कौफी के बजाय ग्रीन टी का सेवन करें. अपने दिन की शुरुआत एक गिलास गुनगुने पानी से करें जिस में नीबू का रस भी हो, ताकि शरीर से टौक्सिंस निकल जाएं.

हाइपरटैंशन

त्योहारों के मौसम आते ही अधिक कैलोरीयुक्त भोजन का सेवन बढ़ जाता है, जिस से पूरा डाइट प्लान गड़बड़ा जाता है. मिठाइयां घी और चीनी से भरपूर होती हैं जिस से उन में कैलोरी की मात्रा काफी अधिक बढ़ जाती है. त्योहार के दिनों  में खानपान में कंट्रोल नहीं होता और यह पाचनतंत्र पर भारी पड़ता है. इसलिए इन दिनों आप को ज्यादा एहतियात रखने की जरूरत है.

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