आज युवतियों के लिए घर से बाहर निकलना सुरक्षित नहीं रह गया है, क्योंकि कहीं उन के कपड़ों को ले कर कमैंट्स मारे जाते हैं तो कहीं उन की चालढाल को ले कर. यहां तक कि युवक उन के लिए भद्दी बातें करने से भी नहीं कतराते. ऐसे में युवतियां खुद को कमजोर महसूस करने के बजाय उन का सामना करें ताकि किसी की भी हिम्मत उन पर फबतियां कसने या उन के साथ छेड़छाड़ करने की न हो.

कैसे करें सामना

फेस पर न लाएं डर वाले ऐक्सप्रैशन

कई बार युवतियां युवकों द्वारा कमैंट्स मारने पर डर जाती हैं और यही डर उन के फेस से साफ झलकने लगता है. ऐसे में युवकों का हौसला और बढ़ता है. भले ही आप उन्हें जवाब न दें लेकिन इस सिचुऐशन को बोल्डली हैंडिल करें ताकि उन की दोबारा ऐसा करने की हिम्मत न रहे.

छेड़छाड़ का सामना कैसे करें

न डरें धमकियों से

एक बार अगर आप उन की धमकी से डर कर उन की कोई भी शर्त मानने को तैयार हो गईं फिर तो वे आप को ब्लैकमेल करना शुरू कर देंगे. इसलिए कभी भी धमकियों से डरें नहीं.

न जाएं सुनसान जगहों से

अकसर छेड़छाड़ सुनसान जगहों की आड़ में ही होती है क्योंकि वहां अगर युवतियां छेड़छाड़ होने पर शोर भी मचाती हैं तो उन की आवाज सुनने वाला कोई नहीं होता. ऐसे में सेफ्टी पौइंट के लिए आप ऐसी जगहों से न गुजरें.

बैग में रखें सेफ्टी टूल्स

अगर आप का जौब टाइम ऐसा है कि आप को वहां से घर लौटने में काफी रात हो जाती है तो अपनी सेफ्टी के लिए आप अपने बैग में औल पिन, मिर्च पाउडर स्प्रे आदि रखें. अगर आप को लगे कि स्थिति कंट्रोल से बाहर है तो तुरंत उस की आंखों में मिर्च पाउडर स्प्रे कर के वहां से भाग निकलें.

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