पार्टी में किसी तरह के जातीय और धार्मिक भेदभाव को जगह न दे कर सभी मित्रों को बुलाया जाए. त्योहार का मकसद धार्मिक न हो कर सामाजिक होने से ज्यादा लोग इस में हिस्सा ले सकते हैं.

उत्सव में पार्टी का आयोजन मिलजुल कर करने से न सिर्फ प्यार बढ़ता है, बल्कि रिश्तों में मिठास भी आती है.

COMMENT