नवजात के लिए मां के दूध से ज्यादा सेहतमंद और पोषक कुछ भी नहीं. फिर भी आजकल की अधिकतर मांओं को बच्चे को फीड कराना मुश्किल काम लगता है. मां के दूध से बच्चे की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. यह दूध बच्चे के लिए अमृत समान होता है.

स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञा, डा. बंदिता सिन्हा कहती हैं कि ब्रैस्ट फीडिंग को ले कर आज भी शहरी महिलाओं में जागरूकता कम है, जबकि ब्रैस्ट फीडिंग करवाने से ब्रैस्ट कैंसर की संभावना भी कम हो जाती है. जिन महिलाओं ने कभी ब्रैस्ट फीडिंग नहीं कराई होती है, उन में ब्रैस्ट कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है.

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