पतियों के दिलफेंक किस्से किस ने नहीं सुने. लोग आसानी से कह देते हैं कि मर्दों की तो फितरत ही ऐसी होती है. लेकिन ऐसा कोई किस्सा किसी पत्नी के बारे में हो तो? ऐसे में पति की क्या हालत होगी? लगेगा, जैसे सबकुछ खत्म हो गया. गुस्सा, विश्वासघात की भावना आम बात है. शादी की बुनियाद ही हिल जाएगी. पहला खयाल जो मन में आएगा वह होगा कि इस रिश्ते को फौरन तोड़ डाले. फिर दूसरा खयाल आएगा कि पत्नी से जवाबतलब करे, इस उम्मीद में कि वह रो पड़ेगी, पैरों में गिर कर माफी मांगेगी, कहेगी कि मुझ से बहुत बड़ी गलती हो गई. आइंदा ऐसा कभी नहीं होगा.

लेकिन क्या हो अगर ऐसा न हो कर ठीक इस की उलटी हालत पैदा हो जाए? पत्नी का किसी से अफेयर हो जाए और छूटे ही नहीं. वह लुकछिप कर अपने प्रेमी से मिलती रहे, पति की नजर बचा कर प्रेमी को मैसेज भेजती रहे, मुसकरा कर टैक्स्ट लिखती रहे और जब पति कमरे में आए तो झट से फोन औफ कर दे, मोबाइल से अपनी कौल हिस्ट्री डिलीट करती रहे, पासवर्ड शेयर करने से मना कर दे और कारण पूछने पर उलटा पति पर ही हावी हो जाए कि तुम्हें मुझ पर विश्वास करना होगा.

लेकिन पत्नी का विश्वास न करने देने योग्य व्यवहार पति को यकीन न करने दे तो? अकसर लोग इसे कलियुगी श्राप कहने से बाज नहीं आते. इस संबंध में सभी द्रौपदी की बात करते हैं. परंतु अहल्या की कथा भी यही कहती है.

गौतम ऋषि की पत्नी पर इंद्र का दिल आ गया और वे ऋषि गौतम का रूप धर कर अहल्या के करीब आए. अहल्या पहचान गई कि ये उस के पति नहीं हैं किंतु उस ने खुद को रोका नहीं. एक और कथा के अनुसार, राजा पांडु की दोनों पत्नियों कुंती और मांडवी ने अलगअलग देवों से पुत्र प्राप्त किए. राजा पांडु ने एक जगह कहा है कि पहले स्त्रियां केवल अपने पति के साथ ही नहीं, बल्कि घर से बाहर भी रिश्ते कायम करने को स्वतंत्र थीं. स्त्री का पतिव्रता होना बाद में परंपरा बनी.

लाइफ कोच डा. रमौन लांबा कहती हैं, ‘‘स्त्री और पुरुष का नजरिया काफी अलग होता है. मर्दों के लिए सैक्स और प्यार 2 अलग बातें हैं. वहीं औरतों के लिए सैक्स और प्यार के तार आपस में उलझे होते हैं. इसलिए स्त्रियों के अफेयर भावनात्मक होते हैं. उन से छूट पाना महिलाओं के लिए आसान नहीं होता.’’

अनुजा (बदला हुआ नाम) बताती हैं, ‘‘हमें सभी ‘मेड फौर ईच अदर’ पुकारते थे. लेकिन जिंदगी के रोजमर्रा के एक ही तरह के ढंग ने मुझे इतना बोर कर दिया कि मुझे एक छोटा सा फ्ंिलग करने में कोई हर्ज नहीं लगा. मुझे लगा मैं फ्रेश हो जाऊंगी और मेरी शादीशुदा जिंदगी पर कोई आंच नहीं आएगी. इस ऐक्सट्रा मैरिटल रिश्ते ने मुझे वह खुशी दी जो सालों की दिनचर्या में कहीं खो गई थी.’’

दरअसल, एक ही साथी के संग, रोज वही जिंदगी जीते हुए जो आपसी आकर्षण, कुछ नया कर पाने की इच्छा, बेहतरीन सैक्स छूट जाता है, वे ऐसे रिश्तों से अकसर वापस मिल जाता है. ऊपर से चोरीछिपे होने के कारण थ्रिल अलग. एक इंसान के साथ लंबा पड़ाव पार करने पर उस की क्रियाओं, प्रतिक्रियाओं, यहां तक की सैक्स में भी पूर्वानुमेय होने के कारण जीवन कुछ नीरस हो जाता है. ऐसे में ऐक्सट्रा मैरिटल रिश्ते एक ताजी हवा के झोंके की तरह आते हैं.

इस्थेर पेरेल, प्रसिद्ध लेखिका और थेरैपिस्ट, बिलकुल सही कहती हैं कि अकसर लोग ऐक्स्ट्रा मैरिटल रिश्ते में सैक्सुअल भावनाओं, हम मनुष्यों के लिए सब से तीव्र भावनाएं होती हैं जोकि अफेयर की पूरी गति ही पलट डालती हैं, को समझने से पहले ही उस की चपेट में आ चुके होते हैं और फिर पता भी नहीं चलता कि कब यह हलकाफुलका अफेयर हमारे जी का जंजाल बन बैठता है. परिवार पर इस का असर पड़ता है, सो अलग.

कुछ सवाल जो पति महोदय की नींद उड़ा सकते हैं.

–     अब मैं क्या करूं?

–     यह किस को मैसेज करती रहती है?

–     क्या उस की सोशल साइट्स को हैक करवाऊं?

–     पत्नी मुझ से दूर क्यों रहने लगी है?

–     पत्नी की बेवफाई का अर्थ, मैं नाकाम पति हूं?

अलग कपल, अलग प्रतिक्रिया

मोहित को जब इंद्रा के अफेयर के बारे में पता चला तो उस ने फौरन अपनी पत्नी से पूछताछ की. लेकिन इंद्रा का रवैया देख वह सोच में पड़ गया, ‘आखिर इंद्रा भी मेरी तरह इंसान है. मैं अपने व्यापार में इतना बिजी हो गया था कि वह अकेली पड़ गई. वह पहले की तरह साथ चाहती थी, प्यार चाहती थी…’ मोहित ने शादी को प्रैक्टिस ग्राउंड मान कर अपने अंदर उन कमियों को तलाशा जिन के कारण इंद्रा किसी और की तरफ आकर्षित हुई, और उन कमियों को दूर करने की ठान ली.

दूसरी ओर सुमित को जब अपनी पत्नी के अफेयर की जानकारी मिली तो उस का पारा सातवें आसमान से भी पार चला गया. वह पत्नी, जो सिर्फ उस की थी, उस पर किसी और का हक उसे बरदाश्त न हुआ. अपनी पुस्तक ‘स्ट्रेट टौक टूल्स फौर डेस्परेट हस्बैंड’ में स्टीव होरस्मन बताते हैं कि पुरुषों को अपनी पत्नी पर हक की भावना होती है. उस के अंग, जिन पर अब तक पति का एकाधिकार था, किसी और की नजर और छुअन उस से सहन नहीं होती. जलन वह असुरक्षा की भावना है जो नियंत्रण के अभाव में जन्म लेती है.

स्टीव की मानें तो मोहित का रिस्पौंस सुमित से बेहतर है. इस तरह आप अपना रिश्ता बचा सकते हैं. उस की कमियां दूर कर प्यार और सम्मान दोनों पा सकते हैं.

ऋषि ने नया ही पैतरा आजमाया. उस ने अपनी पत्नी नेहा से खुल कर बात की. साफतौर पर कहा कि वह खुद भी इस रिश्ते में एक बंधन, एक अलगाव की भावना महसूस कर रहा है. उस को नेहा के हर समय फोन पर टैक्स्ट करते रहने, किसी और खयाल में गुम रहने पर कोई आपत्ति नहीं है. और यदि नेहा किसी से अफेयर के बारे में विचाराधीन है तो ऋ षि खुद भी ऐसा ही कुछ सोच रहा है. ‘चूंकि अब हमारे बीच वह बात नहीं रही, तो मैं तुम्हें कोई दोष नहीं दूंगा.’ साथ ही यह भी कह दिया कि वह अकेले ही मूवी देखने जा रहा है. नेहा का अचंभित हो उठना स्वाभाविक था. ‘क्या बेकार की बात कर रहे हो,’ कहते हुए वह ऋ षि की बेबाकी पर एक बार फिर फिदा हो उठी.

ग्लोबल मैरिज ऐक्सपर्ट मोर्ट फर्टेल कहते हैं कि हर कपल अलग होता है, और उस की प्रतिक्रिया भी अलग होती है. जब तक आप उस स्थिति का शिकार नहीं हैं, आप यकीन से नहीं कह सकते कि आप का रीऐक्शन क्या होगा.

मैरिज फिटनैस के लेखक रह चुके फर्टेल का मानना है, ‘‘चाहे कोई यह सोचे कि चीटिंग करते हुए पकड़े जाने पर वह अपने पार्टनर को कभी क्षमा नहीं करेगा, परंतु असली प्रतिक्रिया स्थिति उत्पन्न होने पर ही पता चलती है. अकसर लोग ऐसे में अपने पार्टनर को माफ कर, उस के साथ आगे की जिंदगी बिताना चाहते हैं. इस का यह मतलब कतई नहीं कि माफ कर देने वाला पार्टनर कमजोर है या कम मर्दाना है. ज्यादातर लोग किस में उन का अधिक फायदा है, उसे तोल कर फैसला लेते हैं. बहुत सारी झंझटों, जैसे कोर्टकचहरी के चक्कर, वकीलों की फीस, बच्चों का साथ छूटना, बीवी को एलिमनी देना, घरगृहस्थी का कामकाज आदि में फंसने से अच्छा कई बार बेवफा साथी को माफ कर देना आसान होता है.’’

क्या कहते हैं काउंसलर्स

काउंसलिंग साइकोलौजिस्ट डा. राशि आहूजा कहती हैं, ‘‘हर रिश्ते का हनीमून पीरियड होता है, जिस में दोनों पक्ष चाहत में मजबूत, प्यार में डूबे, एकदूसरे में खोए रहते हैं. लेकिन हनीमून पीरियड खत्म होते ही वह रिश्ता बोर लगने लगता है. यही ऐक्सट्रा मैरिटल रिश्तों की भी सचाई है.’’

इसीलिए, मोर्ट फर्टेल सुझाते हैं कि यदि आप अपनी पत्नी से प्यार करते हैं तो उस का अफेयर पता चलने पर उस से रिश्ता तोड़ने से पहले पत्नी को लौटने का समय दें.

स्टीव होरस्मन पहले यह जानना चाहते हैं कि पत्नी शादी में रहना चाहती है या नहीं. जबरदस्ती के रिश्ते की उम्र नहीं होती. यदि पत्नी एक बार नए सिरे से रिश्ता सुधारना चाहती है तब अफेयर को भुला कर आगे बढ़ा जा सकता है.

कपल्स थेरैपी है मददगार

इस में संशय नहीं कि प्यार में धोखा खाया पति काफी डिस्टर्र्ब हो उठेगा. अधिकतर इस का निष्कर्ष तलाक ही निकलता है. धोखा खाए पार्टनर का धोखा देने वाले पार्टनर पर फिर विश्वास करना मुश्किल होता है. लेकिन इस मुश्किल राह पर चलने के लिए कपल्स थेरैपी बहुत मदद करती है. कपल्स थेरैपी में सब से पहले इस प्रश्न का उत्तर ढूंढ़ा जाता है कि रिश्ते में ऐसी गलती क्यों हुई.

यह प्रश्न कई अन्य तरह की प्रश्नोत्तरी को जन्म देगा. रिश्ते की बुनियाद फिर से बनाने, और रिश्ते में फैल गई गंदगी को साफ करने के लिए यह आवश्यक है. यह तो तय है कि रिश्ते को वापस पहले की तरह बनने में समय लगेगा.

जब तक मन में क्षमाभाव और रिश्ते को बनाने की प्रतिबद्धता नहीं होगी, तब तक टूटा हुआ विश्वास फिर से नहीं पनपेगा. कपल्स थेरैपी से कई जोड़ों ने लाभ उठाया है. उन का रिश्ता न केवल वापस जुड़ गया, बल्कि इस बार पहले से भी मजबूत जुड़ा.

Tags:
COMMENT