मध्यवर्गीय परिवार में जन्मीं रश्मि शर्मा ने कभी नहीं सोचा था कि वे आगे चल कर राइटर से क्रिएटिव डायरैक्टर और फिर प्रोड्यूसर बनेंगी. लेकिन मेहनत, लगन और कुछ कर दिखाने की जिद ने उन्हें आम से खास बना दिया. 2008 में रश्मि ने पहली बार धारावाहिक ‘राजा की आएगी बरात’ के लिए काम किया. उस के बाद ‘रहना है तेरी पलकों की छांव में’, ‘मिसेज कौशिक की 5 बहुएं’, ‘देश की बेटी नंदनी’ के साथ मानो उन की सफलता का सिलसिला शुरू हो गया. धारावाहिक ‘साथिया साथ निभाना’ और ‘ससुराल सिमर का’ ने अब तक 1000 से भी अधिक ऐपिसोड पूरे कर लिए हैं, तो उन के दूसरे सीरियल्स जैसे ‘शक्ति’, ‘स्वरागिनी’, ‘सरोजिनी’ आदि हमेशा टीआरपी की रेस में आगे रहे. बता दें कि इन में से कुछ धारावाहिक उन्होंने खुद लिखे हैं. आइए, रश्मि के व्यक्तित्व को और करीब से जानें:

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