भारत में तो हर चुनाव गाली गलौज, व्यक्तिगत हमलों के बिना पूरा नहीं होता. नतीजतन चुनावी सभाओं में मुद्दे कम गालियाँ ज्यादा उछलती हैं. लेकिन अमेरिका को हम सभ्य समझने की भूल करते रहे हैं, पर हालिया चुनावी कैपेनों से यह गलतफहमी दूर हो गयी है. जिस तरह अमेरिकी राष्ट्रपति पद के शीर्ष दावेदार पत्नियों की नग्न तस्वीरों को चुनावी समर जीतने का हथियार बनाने जैसी हरकतों पर उतर आये हैं. उसे देखकर तो यही लगता है कि इस देश में भी सियासी मर्यादा जैसी कोई चीज नहीं है.

COMMENT