प्रधानमंत्रीजी, नमस्कार.

 

हमें पूरी उम्मीद है कि आप अपने विदेशी दौरों पर मस्तव्यस्त होंगे. हमें तो हमें, अब तो आप की पार्टी वालों को भी आप के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं. किसी खास मौके पर आप अपने घर में दिख गए तो दिख गए, वरना टैलीविजन पर ही कभी इस देश, तो कभी उस देश देख कर हम संतोष कर लेते हैं कि चलो जहां भी हैं, अपने प्रधानमंत्रीजी सेहतमंद हैं. मैं ने जितनी बार भी आप के बंगले की ओर देखा, बंद ही पाया. हां, वहां पर काम करने वाली हरदम आप के कपड़े प्रैस करती जरूर मिली. आप का पता ही नहीं चलता कि आप कब घर आए और कब विदेश हो लिए.

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