आदरणीय प्रधानमंत्रीजी,

नमस्कार,

वैसे तो हम आप से खासे नाराज हैं कि आप ने हमारी नाक में नकेल डालने की कोशिश उसी दिन से शुरू कर दी है जिस दिन से हम ने आप को जितवा कर कुरसी पर बिठाया है. परंतु साहब, हम भी किसी से कम नहीं. हम भी दफ्तरों में 20-22 साल से जमे हुए इज्जत से खा रहे हैं. क्या मजाल जो किसी की अनामिका तक हमारी ओर उठी हो.

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