बौस के गुस्से के गरम तवे पर जब नेहा अपने हुस्न और अदाओं के छींटे मारती है तो उन का गुस्सा छन्न से धुएं में उड़ कर पलभर में काफूर हो जाता है. अपने एक पल्लू से बौस को तो दूसरे से क्लाइंट को बांधे गुमशुदा नेहा को आखिर हर कोई क्यों तलाश रहा है?

Digital Plans
Print + Digital Plans
Tags:
COMMENT