चौकलेट का नाम जुबान पर आते ही मुंह में पानी और ढेरो चौकलेट की तस्वीर हमारी आंखों के सामने आ जाती है. उसको खाने की लालसा को रोक पाना बेहद मुश्किल होता है. बच्चे और युवतियों की पहली पसंद होता है चौकलेट. आजकल त्यौहार  भी बिना चौकलेट के अधूरे होते है दिवाली हो या राखी हर त्यौहार बिना चौकलेट के फीका  सा लगता है . चौकलेट खाने के कई  फायदे हैं जो कि हमारी सेहत के लिये फायदेमंद हैं. और कई ऐसे  नुकसान  है. जिससे हमें कई बिमारियों का भी सामना करना पड़ सकता है.

फायदे

तनाव व डिप्रेशन को रखे दूर

जो लोग तनाव में  रहते हैं. उनके लिये  डार्क चौकलेट फायदेमंद रहता है. चौकलेट खाने से  हाई ब्लड प्रेशर संतुलित रहता  है. कोको में मौजूद एंटीऔक्सीडेंट्स कई स्वास्थ्य समस्याओं में फायदेमंद होते हैं.

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सौंदर्य के लिये लाभकारी

चौकलेट का प्रयोग ब्यूटी प्रोडक्ट्स मे किया जाता है. इसमे मौज़ूद कोको फ्लैवनौल बढ़ती उम्र के लक्षणों को जल्दी नहीं आने देता है. इससे चेहरे  की झुर्रियां खत्म होती है. चौकलेट खाने से बालों का झड़ना भी कम होता है,सूरज की किरणों के हानिकारक प्रभाव से बचता है, खून की मात्रा बढ़ता है,व रोजाना हौट चौकलेट के दो कप पीने से वृद्ध लोगों का मानसिक स्वास्थ अच्छा रहता है और उनकी सोचने की क्षमता भी तेज होती है.

दिल के लिये है सेहतमंद

डार्क चौकलेट में पोटैशियम और कौपर  होता है. जो की दिल का  दौरा पड़ने जैसे खतरों को कम करता  है.इसके सेवन से धमनियां कठोर नहीं होती व रक्तचाप संतुलित रहता है.

नुकसान

दिमाग पर डालती है असर

चौकलेट खाने से दिमाग की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और इसका अधिक सेवन सिर दर्द रहने का कारण भी बनता है.चौकलेट में एंटीऔक्सीडेंट्स, विटामिन्स, डाएट्री मिनरल्स और फैटी एसिड मौजूद होते हैं. जिस कारण नींद नहीं आती और अनिद्रा की शिकायत होती है. चौकलेट में मौजूद थियोफाइलिइन के कारण हल्के सिर दर्द और जी मचलने जैसी दिक्कतें भी सामने आ सकती हैं.शरीर मे कैफीन की मात्रा बढ़ती है.

इरिटेबल बौवेल सिंड्रोम

चौकलेट मे कैफीन होने के कारण  डायरिया और इरिटेबल बावेल सिंड्रोम होने का खतरा होता है. आईबीएस में  अनियमित मलत्याग होता है.  इसमें बड़ी आंत (कोल.न) और छोटी आंत में अवरोध होता है. यह कोई बीमारी नहीं बल्कि इसके कारण कई बीमारियां हो सकती  हैं.

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हड्डियां होती है कमजोर  

चौकलेट में कोकोआ कैल्शियम होता है. जो की  यूरिन  के जरिए ज़्यादा बाहर निकालता है. जिस कारण औस्टियोपोरोसिस की समस्या होती है . इसकी वजह से हड्डियां कमजोर हो जाती है और इस का पता जल्दी नहीं  कुछ सालों बाद पता चलता  हैं.

मधुमेह की सम्भावना 

अति हर चीज़ की बुरी होती है. चौक्लेट एक ऐसा पर्दार्थ है, जिसकी लत बहुत ज्यादा लगती है जिस कारण ज्यादा खाने से मधुमेह का खतरा होता है. इसमे  कृत्रिम शर्करा होती है, जो शरीर को नुकसान पहुंचाती है. वहीं ग्लूकोज की ज़्यादा मात्रा शरीर में जाने से मधुमेह का ख़तरा भी बढ़ा देती है.

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