माया एक कामकाजी महिला है. सुबह 6 बजे शुरू होने वाली उस की दिनचर्र्या रात 11 बजे तक घड़ी की सुइयों के साथ तालमेल बैठाती हुई चलती है. सब का खयाल रखने वाली माया को खुद अपना खयाल रखने का वक्त नहीं मिलता. कभी नाश्ता छूट जाता है तो कभी लंच नहीं कर पाती. रात का खाना भी अकसर लेट हो जाता है. लगातार बनी रहने वाली थकान को वह काम के बोझ से उत्पन्न हुई कमजोरी समझती रही. मगर जब उस का वजन तेजी से गिरने लगा तब डाक्टर की सलाह से उस ने ब्लडशुगर की जांच करवाई और उसे अपनी थकान का असली कारण समझ आया.

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