सर्दी का प्रकोप अपने उफान पर है. इस मौसम में त्वचा संबंधी कई समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं. द नैशनल स्किन सैंटर के निदेशक डा. नवीन तनेजा के अनुसार, यदि त्वचा में नमी बननी रुक जाए और उस की भरपाई न हो, तो त्वचा की बाहरी परत पर हलकी दरारें दिखनी शुरू हो जाती हैं. लेकिन कुछ उपाय सर्दियों में त्वचा को साफ और सेहतमंद बनाए रखने में मदद कर सकते हैं:

डैंड्रफ

– डैंड्रफ की समस्या सर्दियों में ज्यादा बढ़ जाती है, इसलिए बालों को ऐंटीडैंड्रफ शैंपू से ही धोएं. शैंपू को 5 मिनट तक बालों में लगाए रखने के बाद सादे पानी से अच्छी तरह धो लें.

– सिर में तेल न लगाएं.

– बालों को सुखाने के लिए ब्लोअर का इस्तेमाल न करें.

– सर्दियों में बालों को चमकहीन होने से बचाने के लिए उन्हें हमेशा ढक कर रखें. सर्दियों में सिर को अकसर नहीं ढका जाता है. इसी कारण सर्द हवाओं से बालों की नमी सूख जाती है. इसलिए बाहर आतेजाते समय सिर को स्कार्फ या टोपी से जरूर ढकें.

– गरम पानी से न नहाएं, इस से बाल रूखे और बेजान हो जाते हैं.

– सर्दियों में बालों को स्वस्थ रखने के लिए शरीर में पानी का स्तर संतुलित रहना चाहिए. अत: खूब पानी पीएं.

हाथपैर

– गरम पानी का इस्तेमाल न करें. हम दिन में कई बार गरम पानी से हाथ धोते हैं. गरम पानी त्वचा को शुष्क बनाता है और उस की प्राकृतिक नमी छीन लेता है, इसलिए हाथपैरों को सादे पानी से ही धोएं.

– साबुन का इस्तेमाल त्वचा को तुरंत सूखा बना देता है, जिस से उस पर पपड़ी सी दिखने लगती है, इसलिए हलके या संतुलित साबुन का ही इस्तेमाल करें.

– त्वचा को सुखाने के लिए उसे धीरेधीरे तौलिए से पोंछें.

– त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए उस पर लोशन या ग्लिसरीन का इस्तेमाल करें. रसोई का, टौयलेट का या कोई और काम करने के बाद त्वचा पर मौइश्चराइजर जरूर लगाएं. रात को सोने से पहले पैरों पर मौइश्चराइजर लगाना न भूलें.

– मौसम सर्दी का हो या गरमी का पानी शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है. सर्दियों में बेशक ज्यादा प्यास महसूस नहीं होती, लेकिन त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए शरीर में पानी की मात्रा उचित बनी रहनी चाहिए. त्वचा को अंदर से नमी देनी चाहिए ताकि वह बाहर से स्वस्थ दिखे.

– ठंड से बचाव के लिए गरम कपड़ों का इस्तेमाल करें. हीटर से दूर रहें, क्योंकि यह नमी को तुरंत सोख लेता है, जिस से त्वचा रूखी हो जाती है. यदि ठंड बहुत ज्यादा हो और हीटर का इस्तेमाल जरूरी हो जाए, तो उस से उचित दूरी पर ही बैठें.

सूखे पपड़ीदार होंठ

– होंठों पर बिना ऐक्सफौलिएटिव वाली क्रीम का इस्तेमाल करें. सफेद पैट्रोलियम जैली भी कारगर होती है. सब से बेहतर होगा कि पहले होंठों पर पानी लगाया जाए यानी उन्हें गीला करने के बाद ही पैट्रोलियम जैली का इस्तेमाल करें.

सनबर्न का खतरा

– तापमान के गिरने के कारण महिलाओं को खुली धूप में लेटना पसंद आता है. लेकिन वे इस बात से अनजान होती हैं कि ऐसा करने पर उन पर सूर्य की पराबैगनी किरणों का सीधा असर होता है, जिस कारण त्वचा पर धब्बे और सनबर्न के निशान रह सकते हैं. यदि धूप सेंकने का मन हो तो उस से आधा घंटा पहले कम से कम 30-50 एसपीएफ वाले सनब्लौक का इस्तेमाल करें और उस के बाद हर 3 घंटों में इस का पुन: इस्तेमाल करें.

– यदि आंखों के चारों ओर सूखापन बना रहे तो त्वचा को हलके क्लींजर से साफ करें और त्वचा की नमी को बनाए रखें.

नाखूनों की देखभाल

– हाथों को अकसर गरम पानी से धोने पर नाखूनों पर असर पड़ता है. इसलिए सप्ताह में 1 बार नाखूनों पर क्यूटिकल तेल का इस्तेमाल करें ताकि उन की नमी कायम रहे. साथ ही नाखूनों की त्वचा और नाखूनों पर मौइश्चराइजर का भी नियमित इस्तेमाल करती रहें. नाखूनों पर नेल हार्डनर के सख्त इस्तेमाल से उन की मजबूती बनी रहती है. 

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