उत्तराखंड के हल्द्वानी में फाइट के दौरान विदेशी रेसलर्स कनाडा के ब्रौडी स्टील, अमेरिका के माइक नौक्स और अपोलो ने भारत के मशहूर रेसलर दलीप सिंह राणा उर्फ खली को पीटपीट कर लहूलुहान कर दिया. इस के बाद खली को अस्पताल में भरती करा दिया गया. इस खबर से रिंग और रिंग के बाहर खलबली मच गई. डाक्टरों ने खली को फाइट न करने की सलाह दी. 3 दिन बाद खली को उन विदेशी पहलवानों से मुकाबला करना था, इसलिए खली ने डाक्टरों की बात न मानते हुए फाइट की और विदेशी पहलवानों को पीटपीट कर चित कर दिया और ‘द ग्रेट खली रिटर्न्स मेगा शो’ का टाइटल अपने नाम कर लिया. सवाल उठता है कि क्या इस तरह की फाइट वाकई असली होती है? दरअसल, इस की स्क्रिप्ट पहले से ही तैयार कर ली जाती है और हारजीत का फैसला पहले से ही तय होता है. कभीकभी हारने वालों को ज्यादा पैसा मिलता है. कई बार आप देखते होंगे कि फाइट के दौरान ये पहलवान थूकते हैं, थूक में खून दिखता है. कई मौकों पर ये पहलवान ब्लड कैप्सूल का इस्तेमाल करते हैं और कई बार यह असली भी होता है. इस तरह की फाइट को इतना रोचक बना दिया जाता है कि देखने वालों को भी जोश आ जाता है.

इस तरह की लड़ाइयां पेशेवर खिलाडि़यों द्वारा ही लड़ी जाती हैं जिस के लिए वे ट्रेनिंग लेते हैं. खुद रेसलर्स भी ये मानते हैं कि यह सिर्फ मनोरंजन के लिए होता है. यह साफसुथरा मनोरंजन है. इस तरह की फाइट का केवल मजा लें. कौन पहलवान किसे पीट रहा है, किस का सिर फोड़ रहा है, किस का दांत टूट रहा है, इसे देख कर आप को विचलित और भावुक होने की जरूरत नहीं है. ये सब पैसों के लिए होता है. इस के लिए उस को ढेरों पैसा मिल रहा है पर आप को? सो, आप इस की नकल न करें, सिर्फ आनंद लें.

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