लेखक- डा. योगेश कुमार सोनी

केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान, मेरठ अकसर कृत्रिम गर्भाधान कराने के बाद पशुपालकों में यह उत्सुकता रहती है कि उन का पशु गाभिन है या नहीं? आमतौर पर यह मान लिया जाता है कि जिन पशुओं को कृत्रिम गर्भाधान या सांड़ द्वारा गर्भित करवा लिया गया है और उस के बाद से वे गरमी में नहीं आए हैं, तो वे निश्चित रूप से गाभिन होंगे, जबकि व्यावहारिक रूप से ऐसा नहीं होता है और इसी उम्मीद में वे कई महीने गुजार देते हैं. आखिर में पशु के गाभिन न निकलने पर उन्हें निराशा ही हाथ लगती है. पशुओं के गरमी में न आने से उन के गाभिन होने का अनुमान जरूर लगा सकते हैं, किंतु यह बात पूरी तरह से सच नहीं होती है. वैसे, जितनी जल्दी गाभिन पशु का पता चले, उतना ही अच्छा और लाभदायक होता है.

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