आजकल देशविदेश में बिहार की पहचान बन चुकी मछलियों की पैदावार बढ़ा कर राज्य को मछली उत्पादन के मामले में अपने पैरों पर खड़ा करने की कवायद शुरू की गई है. मछली को ‘जल की रानी’ कहा जाता है और मछली उत्पादक अब मछलीपालन कर के राजा बनने की राह पर चल पड़े हैं. बिहार में मछली की सालाना खपत 6 लाख टन है, जबकि सूबे का अपना उत्पादन 4 लाख 70 हजार टन है. बाकी मछलियों को दूसरे राज्यों से मंगवाया जाता है.

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