हरितक्रांति को सफल बनाने वाले जाट, नकदी फसलों की खेती करने वाले मराठा और श्वेत क्रांति को सफल बनाने वाले पटेल अपनी मेहनत से खेती को रोजगार बनाने में सफल हो गए थे. खेती की कम होती जमीन, खेती की बढ़ती लागत और पैदावार में कम होते मुनाफे ने अब इन खेतिहर जातियों को बदहाली की कगार पर ला खड़ा किया है. mपिछले 10 सालों में 3 करोड़ से अधिक किसानों ने खेती छोड़ दी है. इस से खेती करने वाली जातियां परेशान हैं. आजकल अनाज की कीमतें आसमान छू रही हैं. दालों और प्याज की बढ़ती कीमतों का एक कारण इन की खेती का घटता रकबा भी है. सरकार की गलत नीतियों की वजह से अनाजों की कीमतें बेतहाशा बढ़ रही हैं, मगर इस के बाद भी किसानों को मुनाफा नहीं मिल रहा है. यही वजह है कि खेती करने वाली जातियां बदहाली का शिकार हो रही हैं.

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