राकेश अपनी मां को गांव से शहर ले तो आया था पर गांव के खुले वातावरण की आदी अम्मां का शहर में दम घुटने लगा था. उन की लाड़ली बहू सुधा की नजरें भी इस बार कुछ बदलीबदली सी थीं. ऐसे में अम्मां अपने बेटेबहू के साथ क्या सामंजस्य स्थापित कर सकीं?
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