पार्किंग की समस्या सारे देश में गंभीर होती जा रही है. पहले खाते पीते घरों में एक कार होती थी, अब खातेपीते घर वे हैं, जिन में हर सदस्य के लिए एक कार है और सदस्यों में 2 साल के बच्चे भी शामिल हैं. घरों में तो पार्किंग की सुविधा दशकों पहले हुआ करती थी, अब तो सड़कों पर भी नहीं है और देश को मंदिर बनाने से फुरसत हो तो पार्किंग बनाए न.

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