केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन का अपने दूसरे मंत्रिमंडल में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री कुमारी शैलजा को न लेने पर बहुत सी आंखें चौड़ी हुई हैं. पर यह बहुत गलत कदम नहीं. केरल ने एक बड़े अच्छे ढंग से स्वास्थ्य समस्या का सामना किया था और पहले कोविड दौर में शैलजा के खूबखूब वाहवाही मिली थी. सब को विश्वास था कि माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी दोबारा सत्ता में आने पर शैलजा को तो बरकरार ही रखेंगी. उन्हें ड्रौय कर देना आश्चर्य पैदा करता है पर यह कदम बुरा भी नहीं है.

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