देश में सरकार के खिलाफ हर बात कहने वाले के साथ अब यही सलूक हो रहा है जो हमारी पौराणिक कहानियों में बारबार दोहराया गया है. हर ऋ षिमुनि इन कहानियों में जो भी एक बार कह डालता, वह तो होगा ही विश्वामित्र को यज्ञ में रखवा देने वाले राक्षसों को मरवाना था तो दशरथ के राज दरबार में गुहार लगाई कि रामलक्ष्मण को भेज दो. दशरथ ने खूब बिनती की कि दोनों बच्चे हैं, नौसिखिए हैं पर विश्वमित्र ने कह दिया तो कह दिया. वह नहीं माने.

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