राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के इर्दगिर्द हो रहे विवाद के पीछे एक कड़वा तथ्य यह है कि भारत की रक्षा तैयारी देश की दूसरी तैयारियों की तरह बुरी तरह लचर व बिखरी हुई है. हमारी सेना हो, प्रशासन हो, शिक्षा हो, स्वास्थ्य सेवाएं हों, सभी हमारे किसी भी शहर की तरह हैं जहां कुछ इलाके ढंग से बने हैं, साफ हैं, व्यवस्थित हैं जबकि शेष शहर में पैचवर्क है, कहीं का रोड़ा कहीं का ठीकरा जमा कर बनाए गए आढ़ेतिरछे, गंदे, बदबूदार मकान हैं.

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