राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने एक सभा में यह कह कर कि सांसद संसद में बहस के दौरान आपसी गपशप और साडि़यों की चर्चा करते रहते हैं, भंडाफोड़ तो किया है पर सच कहा है. 540 जने सब के सब एकसाथ किसी भी गंभीर विषय पर न बोल सकते हैं और न ही उसे सुन सकते हैं. बहुत से सांसदों के पास कागजों को देखने का अवसर या समय नहीं होता और बहुत से सत्तारूढ़ पार्टी में हो कर भी पार्टी के लिए निरर्थक बने रहते हैं.

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