आर्थिक समीक्षा करने वाली विश्व संस्थाओं ने भारत की प्रगति को कम कर के 4.8 फीसदी के आसपास हो जाने का अनुमान लगाया है. कुछ तो अब 4.2 प्रतिशत वृद्धि का ही अनुमान लगा रहे हैं. पाकिस्तान की प्रगति दर भी कम हो रही है और अब वह 2.8 फीसदी रह गई है. बंगलादेश की दर बढ़ कर 8.1 प्रतिशत हो सकती है. दक्षिण एशिया के इन 3 देशों का जो हाल आज हो रहा है वह उन की सरकारों के कारण है, जनता के नहीं.

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