देश में हो रहे आम चुनावों के लिए किए गए पार्टियों के गठबंधनों, ट्विटर व फेसबुक पर पोस्टों, और उन पर कमैंटों से जो तसवीर निकल रही है उस से यह साफ हो रहा है कि कांग्रेस के अलावा तकरीबन सभी पार्टियों में जम कर पौराणिक स्मृतिप्रद जाति, धर्म, भेद का जहर फैला हुआ है. विशुद्ध ब्राह्मण व उन के भक्त, जिन में कुछ वैश्य, कायस्थ और अमीर किसान या सरकारी नौकरी वाले शामिल हैं, दूसरी पार्टियां छोड़ कर भारतीय जनता पार्टी में जा रहे हैं. वे अपने गुरुओं के आदेशों पर अमल कर रहे हैं.

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