आप ने किसी से उधार ले रखा हो और चुका न पाने पर देने वाला यदि जलील कर जाए तो क्या इसे आत्महत्या के लिए उकसाना कहेंगे? कम से कम तमिलनाडु के एक मजिस्ट्रेट और वहां के उच्च न्यायालय का तो यही खयाल है. तमिलनाडु के अर्जुनन ने राजगोपाल को 2001 में क्व80 हजार उधार दिए थे. सालभर बाद जब उस ने क्व80 हजार मूल और क्व5 हजार ब्याज मांगा तो राजगोपाल ने आत्महत्या कर ली और लिख गया कि आत्महत्या कर्ज देने वाले के तकाजों के कारण कर रहा हूं.

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