हमारे धर्मग्रंथों में बारबार कथाएं आती हैं कि जब दैत्यों, दस्युओं का जोर पकड़ने लगता था, ऋषिमुनि तत्कालीन राजा के आगे जा कर गुहार लगाते थे और राजा बामन अवतार धारण कर या खंभे में छिप कर नरसिंह अवतार बन कर या मोहिनी अवतार बन कर छल, कपट, बेईमानी, झूठ, धोखे से देवताओं व ऋषियों का उद्धार करता था. राम, कृष्ण समेत इन सब अवतारों की गाथाएं पढ़ लें, आप को साफ दिखेगा कि उन्होंने छल से देवताओं का आर्य राज कैसे पुन: स्थापित किया.

Tags:
COMMENT