सौजन्य- सत्यकथा 

15वर्षीय रुद्र नारायण देशमुख 9वीं कक्षा में पढ़ रहा था. वह छत्तीसगढ़ के बालोद जिले
के गांव सलोनी के रहने वाले पिलेश्वर देशमुख का बेटा था. सलोनी से करीब 6 किलोमीटर दूर आलबरस गांव है जो दुर्ग जिले में आता है. इस गांव में हर साल 23 दिसंबर को मड़ई मेला लगता है. यह मेला आसपास के जिलों में बहुत प्रसिद्ध है. मेले में हजारों की संख्या में लोग जुटते हैं. रुद्र नारायण को उस के दूर के जीजा पंचराम देशमुख ने मेला देखने को बुलाया तो वह अपने पिता की साइकिल उठा कर आलबरस चौक पर पहुंच गया, जहां पंचराम उस का इंतजार कर रहा था.

Tags:
COMMENT