सन 1974 में राजेश खन्ना मुमताज अभिनीत मनमोहन देसाई के निर्देशन में एक फिल्म आई थी ‘रोटी’. इस सुपरहिट फिल्म में राजेश खन्ना द्वारा निभाया गया पात्र मात्र एक रोटी की खातिर अपराधी बन गया था. इस रोटी फिल्म की तरह इस कहानी में भी एक नौकर रोटी के लिए रोजी नाम की अपनी मालकिन का कत्ल कर बैठा. इत्तफाक यह भी है कि रोटी फिल्म के नायक राजेश खन्ना की तरह इस नौकर का नाम भी राजेश ही है. प्रस्तुत कहानी पढ़ने के बाद पाठक यह तय करें कि फिल्म ‘रोटी’ या रोजी हत्याकांड में क्या ऐसा करना जरूरी था. क्या इस समस्या का कोई दूसरा समाधान या विकल्प नहीं हो सकता था?

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