सौजन्या- सत्यकथा

14अगस्त, 2020 की सुबह के साढ़े 3 बजे का समय रहा होगा. 5 वर्षीय सायमा और उस की छोटी बहन शुमायला बुरी तरह घबराई हुई अपनी खाला फरजाना के घर पहुंचीं. खाला के घर पहुंचते ही दोनों ने जोरजोर से दरवाजा पीटना शुरू कर दिया.

‘‘खाला...खाला, किवाड़ खोलो.’’उस वक्त फरजाना का परिवार गहरी नींद में सोया था. बच्चियों के चीखने चिल्लाने की आवाज सुन फरजाना के पति तौफीक की आंखें खुल गईं.

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