लखनऊ  22 मार्च को 'जनता कर्फ्यू' के रूप में शुरू हुआ "लोक डाउन" अब पूरी तरह से कर्फ्यू में बदल गया है.पूरा उत्तर प्रदेश इसकी चपेट में आ गया है. लखनऊ, गाजियाबाद और नोएडा से शुरू हुआ लॉक डाउन पूरे उत्तर प्रदेश में फैल गया है. 25 मार्च से इसकी मियाद बढ़ा कर 27 मार्च कर दी गई हैं.जानकर लोग बताते है कि यह धीरे धीरे पूरे 14 दिन तक चलेगा.

सरकार ने कहा था कि लोक डाउन में जनता को जरूरी सामान की कमी नही होने दी जाएगी. पर सरकार का यह वादा भी अधूरा हो रहा है.अभी 3 दिन भी पूरे नही हुए है और सब्जियों और फलो के दाम तेजी से बढ़ने लगे है.इनकी आपूर्ति सुचारू पूर्वक नही चल पा रही है.

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सब्जियों की आमद मंडियों में थम गई है. 23 मार्च को लखनऊ में केवल दो ट्रक आसपास के जिलों से टमाटर आया था जो‌ बहुत मंहगा बिका कोलकाता से जो हरी मिर्च आई थो वह 500 रूपए पसेरी बिकी है, जबकि दो दिन पहले 250 रूपए पसेरी थी.

लखनऊ की सभी आढ़तों पर महाराष्ट्र, कर्नाटक से 90% सब्जी सप्लाई होती है. जबकि 10 प्रतिशत हल्द्वानी और आसपास के जिलों से आती है.

शहर की सीमाएं सील हैं और सब्जी आ नहीं पा रही है.महाराष्ट्र से लदान हो नहीं रही क्योंकि वँहा काम करने के लिए लेबर नही मिल रहे है.

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मोहल्लों, गलियों और कालोनियों में सब्जी बेचने के लिए ठेला लगाने वाले घर से निकल नही पा रहे.पुलिस उनको सड़को पर नही जाने दे रही है. ऐसे में लोगो को आने वाले दिनों में सब्जियों और फलो कि किल्लत का सामना करना पड़ेगा.

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