- अपने परिचितों को दफ्तर में आमंत्रित न करें. दफ्तर आप का कार्यस्थल है इसलिए दफ्तर के समय अपने परिचितों और मित्रों को वहां बुलाना, चाय आदि पिलाना कार्यालय की मर्यादा के अनुकूल नहीं है. आप का यह व्यवहार गलत ही होगा. दोएक बार तो अधिकारी व सहयोगी इसे अनदेखा कर देंगे पर हमेशा नहीं.
- जब आप अस्पताल में रोगी का हाल पूछने जाएं तो उतनी ही देर रुकें जितना कि आवश्यक हो. कई बार मरीज के संबंधी अस्पताल में भी खानेपीने जैसी स्वागतसत्कार की औपचारिकता में फंस जाते हैं, यह उचित नहीं है. इस तरह का अवसर घर वालों के विवश करने पर भी टाला जाए.
- आप चाहें तो रसोई की शोभा दीवार पर खूबसूरत पेंटिंग लगा कर व ताजे फूलों का गुलदस्ता सजा कर बढ़ा सकती हैं. खिड़की और दरवाजे पर जालीदार परदे लगा दें तो चारचांद लग जाएंगे परंतु ध्यान रखें कि परदे ऐसे बांधें कि वे हवा से उड़ें नहीं.
- आप जब मेहमान के तौर पर जा रहे हैं तो मेजबान के बच्चों के लिए कुछ उपहार या मिठाई इत्यादि ले जाना न भूलें. उपहार चाहे कीमती न हो परंतु ऐसा अवश्य हो जो बच्चों के काम आने वाला और पसंद आने वाला हो. इस से मेजबान और उन के बच्चे आप को याद रखेंगे.
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