सियासी युवाओं के लिए साल की शुरुआत अच्छी नहीं हुई. अखिलेश यादव, राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल दुखी हैं. पर उन से पहले दुख का पहाड़ मनसे प्रमुख राज ठाकरे पर टूटा था जब बीएमसी चुनावों में उन की पार्टी को खाता खोलने के भी लाले पड़ गए. चाचा बाल ठाकरे के जमाने में राज ठाकरे शेर सा दहाड़ते थे और मुंबई के राजा नहीं, तो उपराजा तो वे थे ही.

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