रविवार छुट्टी का दिन होता है. देर तक सोना सबको पसंद होता है. ऐसे में सुबह लंच का समय खत्म हो जाता है. पति पत्नी दोनों यही चाहते हैं कि रविवार की छुट्टी मौज मस्ती में गुजरे. रोज की तरह सुबह उठ कर ब्रेकफास्ट लंच और डिनर बनाने जैसा काम न करना पडे. पैरेंटस के साथ ही साथ बच्चें भी छुट्टी के इस दिन को बहुत इंज्वाय करना चाहते हैं. वह चाहते है कि पैरेंटस केवल उनके साथ ही न रहे बल्कि घर से बाहर घूमने, खाने और मौज करने में शामिल रहे. ऐसे में अब संडे ब्रंच का कल्चर बढ रहा है.

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