सरकार ने आने वाले दिनों में 7,500 टन चना और मसूर दाल आयात करने का फैसला किया है. घरेलू आपूर्ति बढ़ाकर इनकी कीमतों पर अंकुश लगाने के मकसद से ऐसा किया जा रहा है.

उपभोक्ता मामलों के सचिव हेम पांडे की अध्यक्षता में मूल्य स्थिरीकरण कोष की प्रबंधन समिति की बैठक में दालों के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई. खाद्य मंत्रालय की ओर से बताया गया कि और 5,000 टन चने और 2500 टन मसूर के आयात का फैसला किया गया है.

सरकार की ओर से दालों का आयात कर रही सार्वजनिक क्षेत्र की एमएमटीसी ने अभी तक विदेशी बाजार से 46 हजार टन दालों का कांट्रैक्ट किया है. इसमें से 14,321 टन दाल देश में आ चुकी है. लगातार दो साल सूखे के बाद घरेलू उत्पादन में कमी के कारण दालों के मूल्य 198 रुपये प्रति किलो तक ऊंचे बने हुए हैं. 2015-16 फसल वर्ष (जुलाई-जून) में दालों का उत्पादन 1.70 करोड़ टन रहने का अनुमान है. इसके मुकाबले वार्षिक मांग 2.35 करोड़ टन है. इस अंतर को आयात के जरिये पूरा किया जा रहा है.

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

डिजिटल

(1 साल)
USD99USD49
 
सब्सक्राइब करें

सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं

  • सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
  • देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
  • 7000 से ज्यादा कहानियां
  • समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
 

डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन

(1 साल)
USD150USD129
 
सब्सक्राइब करें

सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं

  • सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
  • देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
  • 7000 से ज्यादा कहानियां
  • समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
  • 24 प्रिंट मैगजीन
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...